पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को राज्य में पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि भीड़-भाड़ वाले शहरी क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में बैरिकेड, फुट ओवर-ब्रिज, अंडरपास और जेब्रा क्रॉसिंग स्थापित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पैदल यात्रियों के सम्मान और सुविधा के लिए कई अहम निर्णय लिए हैं। उन्होंने इस संबंध में ट्रांसपोर्ट विभाग को निर्देश दिए हैं कि भीड़ वाले इलाके, प्रमुख चौक-चौराहा और दुर्घटना-प्रवण स्थानों पर आवश्यक उपाय किए जाएं। उन्होंने जोर दिया कि इस पहल का उद्देश्य सिर्फ सड़क पर सुरक्षा बढ़ाना ही नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन को आसान बनाना भी है।
दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों की पहचान और निगरानी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ब्लैक स्पॉट की पहचान की जाए। मतलब यह कि ऐसे स्थानों पर ध्यान दिया जाये जहां दुर्घटनाएं अधिक हो रही हों।
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्लैक स्पॉट पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर सड़क सुरक्षा का मूल्यांकन किया जाएगा। दुर्घटना-प्रवण स्थानों पर फुट ओवर-ब्रिज और अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। जेब्रा क्रॉसिंग और फुटपाथ की स्थापना करके पैदल यात्रियों की प्राथमिकता सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि यह पहल राज्य की सड़कों पर चलने वाले लोगों के लिए बहुत उपयोगी साबित होगी और उनके दैनिक जीवन को आसान बनाएगी।"
सात निश्चय-3 के तहत सड़क सुरक्षा
यह निर्णय ‘सात निश्चय-3’ योजना के अंतर्गत लिया गया है, जिसका उद्देश्य है ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’। इस योजना के तहत सरकार राज्य के नागरिकों के जीवन की कठिनाइयों को कम करने और उनकी सुविधा बढ़ाने के उपाय कर रही है।
बिहार कैबिनेट ने हाल ही में 2025-2030 के लिए ‘सात निश्चय-3’ को मंजूरी दी है, जिसके तहत राज्य को विकसित बनाने की दिशा में कई योजनाएं लागू की जाएंगी। इससे पहले 2015 से 2025 तक दो ‘सात निश्चय’ कार्यक्रम लागू किए जा चुके हैं।