पटनाः बिहार की राजधानी पटना में NEET छात्रा की मौत का मामला अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की निगरानी में है। शनिवार को CBI की टीम ने शंभू गर्ल्स हॉस्टल का दौरा किया और वहां के कर्मचारियों से पूछताछ की। यह कदम केस में नई दिशा और सबूतों की जांच के लिए उठाया गया है।
जहानाबाद जिले की रहने वाली छात्रा पिछले 6 जनवरी को हॉस्टल में बेहोश मिली थी। पांच दिन बाद प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भारी हंगामा हुआ। परिवार ने यौन शोषण का आरोप लगाया और बताया कि स्थानीय अधिकारी मामले को दबाने की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद पुलिस ने हॉस्टल के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया।
CBI की जांच में क्या पता चला?
CBI टीम ने पटना पुलिस अधिकारियों के साथ हॉस्टल का निरीक्षण किया। पूछताछ के दौरान कर्मचारियों से घटना की क्रमवार जानकारी ली गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यदि आवश्यक हुआ तो CBI घटना स्थल का रिक्रिएशन भी कर सकती है। इसमें छात्रा की मौत से जुड़े हॉस्टल और अस्पताल दोनों के घटनाक्रम को दोबारा प्रस्तुत किया जाएगा।
साथ ही, CBI SIT की जांच रिपोर्ट की भी पड़ताल करेगी। SIT ने पहले लगभग 30 लोगों के रक्त नमूने DNA टेस्ट के लिए लिए थे, जिनमें छात्रा के परिवार और करीबी रिश्तेदार शामिल थे। इस टेस्ट से छात्रा की मौत के कारणों और किसी भी संभावित अपराध को प्रमाणित करने की कोशिश की जाएगी।
जांच पड़ताल के आगे की कार्रवाई
CBI अब फॉरेंसिक सबूत, गवाहों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट की विस्तृत समीक्षा कर रही है। इससे उम्मीद की जा रही है कि घटना के वास्तविक कारण, संभावित अपराधियों की पहचान और न्याय प्रक्रिया जल्द स्पष्ट हो सके।विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला बिहार में शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा, लड़कियों के अधिकार और प्रशासनिक जवाबदेही पर बहस को फिर से ताजा कर रहा है। छात्रा की मौत ने न केवल राज्य सरकार के प्रति सवाल खड़े किए हैं, बल्कि देश में कॉलेज और हॉस्टल में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता भी पैदा की है।