पटना: उत्तर प्रदेश की तरह बिहार में भी खुले में मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। नीतीश कुमार सरकार ने यह फैसला लिया है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि नियम का पालन नहीं करने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। नगर विकास और आवास विभाग ने मंगलवार को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने पहले ही विधानसभा में घोषणा की थी कि किसी भी परिस्थिति में अब खुले में मांस बेचने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उसी के अनुरूप जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि मांस बेचने के लिए सभी दुकानदारों को लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। नियम तोड़कर खुले में मांस बेचने पर सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। गाइडलाइन में उल्लेख है कि नियम उल्लंघन पर 5000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
दुकान में लगानी होगी पर्दा या काला शीशा
बिहार सरकार के नए नियम के तहत केवल लाइसेंस होना ही पर्याप्त नहीं है। मांस बेचने से पहले दुकान को पर्दे या काले शीशे से ढंकना होगा ताकि बाहर से मांस काटने का दृश्य दिखाई न दे। सड़क किनारे या खुले में लटकाकर मांस बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है।
स्कूल या धार्मिक स्थलों के पास नहीं खुलेंगी मांस की दुकानें
स्कूल या धार्मिक स्थलों के पास मांस की दुकान नहीं खोली जा सकेगी। इस नियम का उल्लंघन करने पर दुकान बंद कर दी जाएगी। साथ ही 5000 रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। दुकानदारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कचरा ऐसी जगह रखा जाए जहां से नगर निगम की गाड़ियां उसे उठा सकें। सरकार का कहना है कि यह फैसला स्वास्थ्य, स्वच्छता और जनभावनाओं को ध्यान में रखकर लिया गया है।