पटना: बिहार कैडर के एक सीनियर आईएएस अफसर विवादों में घिर गए हैं। बिहार में विपक्ष ने सवाल उठाया है कि एक सरकारी अधिकारी ने अपने परिवार को चार्टर्ड फ्लाइट से कैसे यात्रा कराई। हालांकि, जवाबदेही और सार्वजनिक धन के उपयोग पर केंद्रित बहस जातिगत राजनीति के दलदल में धंस गई। दरअस विपक्षी आरजेडी और कांग्रेस ने सवाल उठाया था कि आईएएस अधिकारी निलेश रामचंद्र देवरे चार्टर्ड फ्लाइट का खर्च कैसे उठा सकते थे और इसका भुगतान किसने किया। देवरे ने पिछले साल अपने परिवार के साथ दिल्ली से पटना तक चार्टर्ड फ्लाइट से यात्रा की थी।
IAS निलेश देवरे के फैमिली के साथ चार्टड प्लेन से सफर करने पर सवाल
जेडीयू-बीजेपी के नेतृत्व वाली बिहार सरकार ने कहा कि विमान पहले ही पटना लौट रहा था, उसमें सीटें खाली थीं, इसीलिए निलेश रामचंद्र देवरे उसी में सवार हो कर आए। इस तरह से चार्टर्ड प्लेन में सीटें खाली रहने पर इसका सदुपयोग किया गया, न कि दुरुपयोग।
विवाद में घुस गया जाति का पेच
हालांकि, विवाद ने तब नया मोड़ ले लिया जब बिहार के मंत्री अशोक चौधरी ने विपक्ष पर पलटवार करने के लिए देवरे के दलित जाति से होने का मुद्दा बना कर उछाल दिया। उन्होंने जाति को हथियार बनाकर सवाल उठाया कि क्या दलित होने के कारण उस अधिकारी को विमान में सफर करने का अधिकार नहीं है ? दरअसल पूरे विवाद की शुरुआत सोमवार को हुई जब बिहार विधानसभा में राजद विधायक राहुल शर्मा ने यह मुद्दा उठाया कि निलेश रामचंद्र देवरे ने जून 2025 में अपने परिवार के साथ चार्टर्ड विमान से नई दिल्ली से पटना की यात्रा की थी।
जहानाबाद विधायक राहुल शर्मा ने उठाया सवाल
जहानाबाद के विधायक राहुल शर्मा ने सवाल उठाया कि एक आईएएस अधिकारी इतनी महंगी उड़ान का खर्च कैसे उठा सकता है। उन्होंने पूछा कि देवरे ने चार्टर्ड प्लेन से यात्रा कैसे की, जो कि काफी महंगा होता है। राहुल शर्मा ने कहा कि '5 जून, 2025 को एक चार्टर्ड किंग एयर फाल्कन 2000 विमान दिल्ली से पटना के लिए रवाना हुआ। यह नियमित नागरिक हवाई अड्डे पर नहीं रुका, बल्कि कथित तौर पर एक फ्लाइंग इंस्टीट्यूट में चला गया, जिससे सवाल खड़े हो गए। विमान में बिहार सरकार का एक अधिकारी अपने परिवार के साथ सवार था, कुल चार लोग थे। क्या अनुमति ली गई थी या नहीं ? मुझे नहीं लगता कि बिहार सरकार आधिकारिक तौर पर ऐसी सुविधा प्रदान कर सकती है। अगर किसी और ने भुगतान किया, तो उन्होंने क्यों किया ? उन्हें बदले में क्या मिला ?'
निलेश देवरे के कार्यकाल का ऑडिट हो- राहुल शर्मा, विधायक
इसके बाद एक स्थानीय न्यूज पोर्टल से बात करते हुए राहुल शर्मा ने कहा कि 'तथ्यों को स्थापित करने के लिए उनके पूरे कार्यकाल की ऑडिट होनी चाहिए। लोग टेम्पो की सवारी के लिए पैसे नहीं देते, लेकिन उन्हें निजी विमान की सुविधा दी गई। बिहार में भ्रष्टाचार का एक बड़ा गिरोह सक्रिय प्रतीत होता है, जिसकी गहन जांच होनी चाहिए। सरकार की चुप्पी बहुत कुछ कहती है और संदेह को और गहरा करती है। बिहार एक गरीब राज्य है, और भ्रष्टाचार के आरोप गंभीर और बेहद चिंताजनक हैं। हम सिर्फ यह जानना चाहते हैं कि एक आईएएस अधिकारी चार्टर्ड विमान से यात्रा कैसे कर सकता है।'