मौसम बदलने के साथ ही कई तरह के रोगों का आक्रमण होता रहता है। इनमें से कुछ बीमारियां जानलेवा साबित होती हैं तो कुछ बीमारियां जानलेवा तो नहीं लेकिन बहुत ही पीड़ादायक साबित होती है। हाल के समय में पश्चिम बंगाल में निपा वायरस के संक्रमण का दो मामला सामने आया है जिसने एक बार फिर से वायरल संक्रमणों से हमारे रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया है।
वायरल संक्रमण तेजी से फैलते हैं। इसके साथ ही बदलता मौसम, प्रदूषण, तनाव और असंतुलित जीवनशैली हमारी सेहत पर सीधा असर डालती है। ऐसे में हमारे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी का मजबूत होना बहुत जरूरी है, क्योंकि यही हमें वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने की ताकत देती है।
रोग-प्रतिरोधक क्षमता क्या है?
रोग-प्रतिरोधक क्षमता शरीर की वह प्राकृतिक सुरक्षा प्रणाली है, जो हमें बीमारी वाले कीटाणुओं से बचाती है। इसमें शरीर की विशेष कोशिकाएं, ऊतक और अंग मिलकर काम करते हैं। जब यह प्रणाली मजबूत होती है तो संक्रमण का खतरा कम होता है और शरीर जल्दी स्वस्थ हो जाता है।
पोषण का महत्व
हम जो खाते हैं वही हमारी सेहत की नींव बनता है। संतुलित और पोषक आहार से शरीर को जरूरी विटामिन और खनिज तत्व मिलते हैं, जो शरीर की रक्षा प्रणाली को सक्रिय रखते हैं।
आवश्यक पोषक तत्व
विटामिन A संक्रमण से लड़ने वाली कोशिकाओं को मजबूत करता है। विटामिन C शरीर को वायरस से बचाने में सहायक होता है। विटामिन D सांस से जुड़ी बीमारियों से सुरक्षा देता है। विटामिन E शरीर को अंदर से साफ कर इम्यूनिटी बढ़ाता है। जिंक, आयरन और ओमेगा-3 कोशिकाओं के सही कामकाज में मदद करते हैं। इन पोषक तत्वों के लिए फल, सब्जियां, सूखे मेवे, दालें और साबुत अनाज को भोजन में शामिल करना चाहिए।
आंतों का स्वास्थ्य और इम्यून सिस्टम
बहुत कम लोग जानते हैं कि शरीर की लगभग 70% रोग-प्रतिरोधक क्षमता आंतों से जुड़ी होती है। आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया हमें हानिकारक तत्वों से बचाते हैं। दही, छाछ और प्रोबायोटिक युक्त खाद्य पदार्थ आंतों को स्वस्थ रखते हैं जिससे इम्यूनिटी बेहतर होती है।
स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं
केवल अच्छा खाना ही काफी नहीं होता बल्कि सही दिनचर्या भी जरूरी है। रोजाना 7–8 घंटे की नींद लें। हल्का व्यायाम या योग करें, तनाव से बचने के लिए ध्यान और प्राणायाम अपनाएं। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। ये आदतें शरीर को अंदर से मजबूत बनाती हैं।
किन चीजों से बनाए दूरी
कुछ आदतें रोग-प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करती हैं, जैसे : धूम्रपान और शराब, ज्यादा जंक और प्रोसेस्ड फूड, अत्यधिक चीनी और मैदा, देर रात तक जागना। इनसे दूरी बनाकर ही शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है।
आयुर्वेद और घरेलू उपाय
आयुर्वेद में इम्यूनिटी बढ़ाने के कई सरल उपाय बताए गए हैं। हल्दी वाला दूध, गिलोय, तुलसी, अदरक, लहसुन और काढ़ा शरीर की रक्षा शक्ति को बढ़ाने में सहायक होते हैं। हालांकि किसी भी उपाय को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।
वायरल संक्रमणों से बचाव के लिए दवाओं पर निर्भर रहने से ज्यादा जरूरी है कि हम अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करें। संतुलित आहार, स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन और सही आदतें अपनाकर हम खुद को और अपने परिवार को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं।