अगर आप सामान्य घर का खाना खा रहे हैं, जंक फूड भी बहुत ज्यादा नहीं लेते, फिर भी वजन लगातार बढ़ रहा है, बाल झड़ रहे हैं और मिजाज चिड़चिड़ा रहता है, तो इन लक्षणों को केवल तनाव या काम का दबाव समझकर नजरअंदाज न करें। इसके पीछे शरीर की एक छोटी लेकिन बेहद अहम ग्रंथि, यानी थायरॉयड, जिम्मेदार हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, थायरॉयड शरीर के मास्टर कंट्रोल स्विच की तरह काम करता है। थायरॉयड हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा स्तर, शरीर के तापमान और यहां तक कि दिमाग की कार्यप्रणाली को भी नियंत्रित करता है। जब यह ग्रंथि ठीक से काम नहीं करती, तो शरीर में कई तरह की समस्याएं पैदा होती हैं।
थायरॉयड हार्मोन असंतुलन के प्रभाव:
वजन बढ़ना
थायरॉयड ग्रंथि के कम सक्रिय होने को हाइपोथायरॉयडिज्म कहा जाता है। इस स्थिति में मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे कैलोरी सही तरह से बर्न नहीं होती और वजन तेजी से बढ़ने लगता है। कम खाने और नियमित व्यायाम के बावजूद अगर वजन बढ़ रहा हो, तो थायरॉयड की जांच जरूरी है।
बालों का ज्यादा झड़ना
बालों की सेहत थायरॉयड हार्मोन से गहराई से जुड़ी होती है क्योंकि ये हार्मोन बालों के विकास चक्र को प्रभावित करते हैं। हार्मोन के स्तर में उतार-चढ़ाव होने पर बालों के फॉलिकल कमजोर हो जाते हैं, जिससे अत्यधिक बाल झड़ने की समस्या पैदा होती है। यदि इसे नजरअंदाज किया जाए तो बाल पतले होने लगते हैं और सिर पर गंजेपन के लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। लगातार बाल झड़ना, नाखूनों का भंगुर होना और नए बालों का कम उगना, ये सभी थायरॉयड समस्या के संकेत हो सकते हैं। हालांकि थायरॉयड के अलावा पोषण की कमी से भी ये समस्याएं हो सकती हैं इसलिए डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है।
मूड स्विंग और मानसिक प्रभाव
थायरॉयड ग्रंथि ठीक से काम न करे तो इसका असर मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। थायरॉयड हार्मोन का स्तर कम होने पर थकान, लगातार खराब मूड और चिंता जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जिससे व्यक्ति उदास और बर्नआउट महसूस करने लगता है। मिजाज अक्सर चिड़चिड़ा रहता है, गलतफहमियां बढ़ सकती हैं और पार्टनर के साथ तनाव या झगड़े की स्थिति बन सकती है। वहीं, थायरॉयड के अधिक सक्रिय होने की स्थिति यानी हाइपरथायरॉयडिज्म में बेचैनी, चिड़चिड़ापन, सोचने-समझने में परेशानी और नींद में बाधा आ सकती है। दोनों ही स्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है।
किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
अत्यधिक ठंड लगना, कब्ज, रूखी त्वचा, अनियमित माहवारी, दिल की धड़कन तेज होना, या थोड़े से काम में थक जाना,ये सभी थायरॉयड के संकेत हो सकते हैं।
क्या करें?
थायरॉयड के लक्षण दिखाई देने पर सबसे पहले रक्त में टीएसएच, टी3 और टी4 की जांच कराना ज़रूरी है। अत्यधिक थकान, वजन का तेज़ी से बढ़ना या घटना, बाल झड़ना, गले के पास सूजन, बहुत ज़्यादा ठंड या गर्मी लगना, ये सभी लक्षण दिखें तो डॉक्टर से सलाह लें। खुद से दवा शुरू करना या बंद करना खतरनाक हो सकता है। जांच रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर हार्मोन का स्तर संतुलित रखने के लिए दवाएं देते हैं। साथ ही नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, तनाव कम करना और आयोडीन युक्त संतुलित आहार लेना जरूरी है। नियमित फॉलो-अप से थायरॉयड को नियंत्रित रखा जा सकता है।