कड़ाके की ठंड में शरीर सुस्त हो जाता है। छींक-खांसी की परेशानी बढ़ जाती है। इसके साथ ही राज्य में निपा वायरस का खतरा भी सामने है। यह वायरस न केवल संक्रामक बल्कि जानलेवा भी हो सकता है। ऐसे में रोगी की इम्युनिटी ही संक्रमण से लड़ने में सबसे अहम भूमिका निभाती है। हालांकि इम्युनिटी बढ़ाना आसान काम नहीं है। स्वस्थ रहने के लिए खान-पान में बदलाव जरूरी है। सेलिब्रिटी शेफ संजीव कपूर ने कुछ ऐसे मसालों के बारे में बताया है, जो पाचन सुधारते हैं और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं इसलिए इस मौसम में स्वस्थ रहने के लिए रोजमर्रा के खाने में इन मसालों को जरूर शामिल करें।
हल्दी
शेफ संजीव कपूर के अनुसार, हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। यह लगभग हर भारतीय रसोई में आसानी से मिल जाती है। हल्दी घाव भरने, सर्दी-खांसी से राहत देने और पाचन सुधारने में मदद करती है। दाल-सब्जी में हल्दी डालने के अलावा हल्दी वाला दूध या स्मूदी बनाकर भी इसका सेवन किया जा सकता है।
जीरा, सौंफ और इलायची
इन तीनों मसालों में पाचन सुधारने की खास क्षमता होती है। शेफ के अनुसार, जीरा मेटाबॉलिज्म को बेहतर करता है। सौंफ मुंह की बदबू दूर करती है। इलायची शरीर से विषैले तत्व निकालती है और मन को शांत रखती है। इन तीनों को सूखा भूनकर पाउडर बना लें और भारी भोजन के बाद इसका सेवन करें। इससे पाचन की समस्या काफी हद तक दूर हो जाती है।
अदरक, काली मिर्च और लौंग
मौसम बदलने के समय इन मसालों का सेवन बेहद जरूरी है। ये शरीर को गर्म रखते हैं और संक्रमण से लड़ने की ताकत देते हैं। अदरक रक्त संचार बढ़ाता है और पेट की समस्याएं दूर करता है। काली मिर्च पोषक तत्वों के अवशोषण में मदद करती है। लौंग में एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं। इन तीनों को कूटकर चाय में उबालकर पी सकते हैं।
दालचीनी और जायफल
शेफ के मुताबिक, दालचीनी रक्त शर्करा को नियंत्रित करती है और दिल की सेहत सुधारती है। सीमित मात्रा में जायफल लेने से पाचन बेहतर होता है और नींद अच्छी आती है। इन दोनों मसालों को खाने में मिलाकर लेने से शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं।