फैटी लिवर में लगभग सभी तरह की हरी सब्जियां खाई जा सकती हैं लेकिन कुछ सब्जियां ऐसी होती हैं, जो फैटी लिवर की समस्या को दूर करने में बेहद सहायक होती हैं। फैटी लिवर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अगर समय रहते इस बीमारी को लेकर सावधानी न बरती जाए, तो आगे चलकर खतरा और बढ़ सकता है। नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर के मामले में केवल दवाइयां लेना काफी नहीं होता। खानपान में बदलाव किए बिना फैटी लिवर की समस्या को दूर करना संभव नहीं है। ऐसे में डाइट में सब्जियों को शामिल करना बेहद जरूरी है।
मौसमी सब्जियां सेहत को बेहतर बनाने में मदद करती हैं। इनमें भरपूर मात्रा में विटामिन, मिनरल, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। फैटी लिवर में लगभग सभी तरह की सब्जियां खाई जा सकती हैं लेकिन कुछ सब्जियां ऐसी हैं जो इस समस्या को कम करने में खास तौर पर फायदेमंद होती हैं। अगर रोज की थाली में इन सब्जियों को शामिल किया जाए, तो लिवर की सेहत में सुधार आ सकता है।
किन सब्जियों से मिलेगा फैटी लिवर से फायदा?
लौकी
दिन में 150 से 200 ग्राम लौकी खाने से फैटी लिवर की समस्या से बचाव किया जा सकता है। लौकी में पानी की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर को हाइड्रेटेड और ठंडा रखने में मदद करती है। यह शरीर से टॉक्सिन निकालने में सहायक है और फैट जमा होने से रोकती है। सुबह खाली पेट लौकी का जूस पीने से वजन कम करने में भी मदद मिलती है।
पत्ता गोभी वर्ग की सब्जियां
फूलगोभी, पत्ता गोभी, ब्रोकली जैसी सब्जियां लिवर की सेहत को बेहतर बनाती हैं। इनमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो पाचन को सुधारती है। इन सब्जियों में सल्फोराफेन नामक तत्व पाया जाता है, जो लिवर की कोशिकाओं को दोबारा स्वस्थ बनाने में मदद करता है और सूजन को कम करता है। साथ ही, ये सब्जियां लिवर में जमा टॉक्सिन को बाहर निकालने में सहायक होती हैं।
चुकंदर
फैटी लिवर की समस्या में चुकंदर बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट सूजन को कम करते हैं और लिवर में फैट जमा होने से रोकते हैं। चुकंदर हेपेटाइटिस के खतरे को भी कम करने में मदद करता है। रोज सुबह चुकंदर का जूस पीने से लिवर में जमा टॉक्सिन आसानी से बाहर निकल जाते हैं। इन सब्जियों को रोजमर्रा की डाइट में शामिल करके फैटी लिवर की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है और लिवर को स्वस्थ रखा जा सकता है।