लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने दाओस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) की सालाना बैठक में समझौता प्रस्तावित किया। राज्य के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मंगलवार को बताया कि समझौता लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का है। उन्होंने बताया कि राज्य प्रतिनिधिमंडल ने वैश्विक निवेशकों के साथ 119 बैठकें कीं। जिनमें 55 से 56 बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ बातचीत शामिल थी। इन बैठकों के परिणामस्वरूप विभिन्न क्षेत्रों में 3 लाख करोड़ रुपये के समझौते हुए।
खन्ना ने कहा कि सबसे बड़ा समझौता नीदरलैंड्स की कंपनी एएम ग्रीन के साथ हुआ। जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित एक गीगावाट डेटा ट्रांसफर प्रोजेक्ट के लिए लगभग 25 अरब डॉलर का निवेश करेगी। यह उत्तर प्रदेश का दाओसमें सबसे बड़ा सहमति पत्र (MoU) है।
इसके अलावा निवेश समझौते डेटा सेंटर, नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, रक्षा, पर्यटन, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग, इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मास्यूटिकल्स और हेल्थकेयर निर्माण जैसे क्षेत्रों में हुए।
वित्त मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का दावोस में छवि बहुत सकारात्मक रही। राज्य के पवेलियन में लगातार भीड़ लगी रही। जिससे निवेशकों की मजबूत रुचि जाहिर होती है। उन्होंने इसके लिए बेहतर हवाई, सड़क और रेल कनेक्टिविटी, उन्नत बुनियादी ढांचा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की साफ और व्यक्तिगत छवि के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन को कारण बताया।
इस बैठक में अमेरिका, यूके, स्वीडन, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर जैसी देशों की कंपनियों ने भाग लिया। खन्ना ने कहा कि निवेशक सुविधाओं और प्रतिस्पर्धात्मकता के आधार पर जगह चुनते हैं और उत्तर प्रदेश ने इस मामले में ठोस प्रभाव दिखाया है।
उन्होंने बताया कि राज्य प्रतिनिधिमंडल में वित्त सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अमित सिंह, इनवेस्ट यूपी के CEO विजय किरण आनंद और NEDA के निदेशक इंद्रजीत सिंह शामिल थे। उन्होंने कहा कि और निवेश प्रस्ताव भी जल्द ही साकार हो सकते हैं। यह उत्तर प्रदेश की दाओस, स्विट्जरलैंड में तीसरी भागीदारी थी।