नई दिल्ली : अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत ने नया रिकॉर्ड बना लिया है। यह पहली बार है जब प्रति औंस चांदी की कीमत100 डॉलर के स्तर को पार कर गया। वर्ष 2025 से ही चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा था और नए साल में भी यह रुझान जारी है। इसी लगातार बढ़ोतरी के चलते चांदी की कीमत इस स्तर तक पहुंच गई है।
वर्ष 2026 में चांदी की कीमत प्रति औंस 100 डॉलर से ऊपर जा सकती है ऐसा अनुमान कई विश्लेषक संस्थाओं ने पिछले साल ही जताया था। नए साल के पहले ही महीने में यह अनुमान सच साबित हो गया। 2025 में चांदी की कीमत में 147 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। कीमतों में बढ़ोतरी के मामले में चांदी ने पिछले साल सोने को भी पीछे छोड़ दिया। हालांकि उसी दिन चांदी के साथ-साथ सोने की कीमत में भी नया रिकॉर्ड बना।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रति औंस सोने की कीमत 4 हजार 988 डॉलर तक पहुंच गई। इससे पहले सोना कभी इस स्तर पर नहीं पहुंचा था। विशेषज्ञों का मानना है कि बहुत जल्द चांदी 5 हजार डॉलर के स्तर को भी पार कर सकती है।
विशेषज्ञों के विश्लेषण के अनुसार पिछले साल से चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कई कारण रहे हैं। मुख्य रूप से वैश्विक व्यापार को लेकर अनिश्चितता के माहौल ने सोने और चांदी जैसे कीमती धातुओं की कीमतों को बढ़ाया है। अनिश्चितता के दौर में निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं।
भू-राजनीतिक तनाव के माहौल में यह प्रवृत्ति और भी तेज हो गई है। सोना और चांदी जैसी धातुओं को सेफ हेवन निवेश माना जाता है। जिससे इन धातुओं में निवेश की मांग बढ़ी है और यही कीमतों में बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण है। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों में भी चांदी का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है जो इस धातु की कीमत को और ऊपर ले जा रहा है।