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बजट से पहले AMFI ने निवेशकों के लिए वित्त मंत्री से की कर में छूट की सिफारिश

म्यूचुअल फंड निवेशकों पर कर बोझ कम करने और निवेश को सुविधाजनक बनाने के लिए आवेदन।

By रिनिका राय चौधरी, Posted by : राखी मल्लिक

Jan 23, 2026 20:15 IST

नई दिल्ली: शेयर और म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले आम निवेशकों के लिए बजट से पहले राहत की उम्मीद जगी है। साल के अंत में म्यूचुअल फंड से हुए मुनाफे पर भारी कर देना पड़ता है, जिससे निवेशक कई बार खर्च करने में भी झिझक महसूस करते हैं। इस स्थिति को देखते हुए असोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स ऑफ इंडिया (AMFI) ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से निवेशकों के लिए कर में छूट और निवेश को और सुविधाजनक बनाने का अनुरोध किया है।

समाचार एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, AMFI ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय के पास कई महत्वपूर्ण सुझाव और प्रस्ताव रखे हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

ELSS में कर छूट की सुविधा

वर्तमान में नए कर ढांचे में टैक्स फाइल करने वाले निवेशकों को इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ELSS) में निवेश करने पर कोई कर छूट नहीं मिलती। AMFI ने अनुरोध किया है कि ELSS में निवेशकों को सेक्शन 124 (80CCD(1B)) के तहत कर छूट दी जाए। हालांकि यह सुविधा निश्चित सीमा तक के मुनाफे पर ही लागू होगी।

डेट लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (DLSS) का प्रस्ताव

AMFI ने सरकार को यह सुझाव दिया है कि DLSS जैसी नई योजना शुरू की जाए। यह योजना ELSS की तरह टैक्स सेविंग स्कीम होगी, लेकिन निवेशकों को इक्विटी निवेश के मुकाबले कम अस्थिर विकल्प मिलेगा। इससे निवेशकों के पास एक और सुरक्षित निवेश विकल्प उपलब्ध होगा।

कैपिटल गेन्स पर कर छूट बढ़ाने का अनुरोध

AMFI ने लंबी अवधि और अल्पकालिक निवेशकों दोनों के लिए कैपिटल गेन्स टैक्स में राहत की मांग की है।

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG): वर्तमान में 1 साल से अधिक निवेश पर केवल 1.25 लाख रुपये तक की छूट मिलती है। AMFI का सुझाव है कि इसे बढ़ाकर 2 लाख रुपये किया जाए।

शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स (STCG): 1 साल से कम निवेश पर 20% टैक्स लगता है। AMFI ने सुझाव दिया है कि अल्पकालिक निवेशकों के लिए भी कर राहत दी जाए।

ELSS निवेश नियम में बदलाव

वर्तमान में ELSS के नियम 3ए के अनुसार निवेशकों को 500 रुपये के गुणांक में ही निवेश करना होता है। AMFI ने अनुरोध किया है कि निवेशक किसी भी राशि का निवेश कर सकें, ताकि छोटे और नए निवेशकों के लिए भी योजना सुविधाजनक बन सके।

पांच साल से अधिक इक्विटी फंड में जीरो टैक्स

AMFI ने यह भी प्रस्ताव रखा है कि जो निवेशक पाँच साल या उससे अधिक समय तक म्यूचुअल फंड की यूनिट होल्ड करेंगे, उनके LTCG पर पूरी तरह से कर छूट दी जाए। यह नियम लंबी अवधि के निवेश को प्रोत्साहित करेगा और निवेशकों को मुनाफे पर कर की चिंता के बिना निवेश करने का अवसर देगा।

पेंशन-म्यूचुअल फंड में कर छूट

AMFI ने यह अनुरोध किया है कि पेंशन के लिए बनाए गए म्यूचुअल फंड में कर छूट दी जाए। इससे निवेशकों को रिटायरमेंट फंड से मिलने वाली रिटर्न राशि बढ़ जाएगी और वे लंबी अवधि के निवेश के लिए प्रेरित होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वित्त मंत्री इन सुझावों को स्वीकार करती हैं, तो इससे अधिक निवेशक शेयर और म्यूचुअल फंड में आएंगे, लंबी अवधि के निवेश को बढ़ावा मिलेगा और आम निवेशकों पर कर का बोझ कम होगा।2026-27 के केंद्रीय बजट पेश होने में केवल आठ दिन बचे हैं। अब यह देखना होगा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इन प्रस्तावों में से कौन-कौन सी सुविधाएं निवेशकों को प्रदान करती हैं।

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