मुंबई : देश की फार्मा सेक्टर की कंपनी सिप्ला ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही की वित्तीय रिपोर्ट शुक्रवार को जारी की। पिछले साल के अंतिम तीन महीनों में इस फार्मा जायंट के व्यवसाय को भारी झटका लगा। एक साल पहले की तुलना में इस कंपनी का नेट प्रॉफिट 57 प्रतिशत घट गया।
2025 के अक्टूबर से दिसंबर महीने के बीच सिप्ला का नेट प्रॉफिट 675 करोड़ रुपये रहा। 2024 के अंतिम तीन महीनों में यह आंकड़ा 1 हजार 570 करोड़ रुपये था। नेट प्रॉफिट में गिरावट के बावजूद कंपनी के रेवेन्यू में बड़ा बदलाव नहीं आया। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में इस कंपनी का रेवेन्यू 7 हजार 74 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में यह आंकड़ा 7 हजार 72 करोड़ रुपये था। इसके साथ ही कंपनी का EBITDA एक साल पहले की तुलना में लगभग 37 प्रतिशत कम रहा।
भारत की इस फार्मा कंपनी का व्यवसाय दुनिया के विभिन्न हिस्सों में फैला हुआ है। इस कंपनी का भारत में व्यवसाय का रेवेन्यू एक साल पहले की तुलना में 10 प्रतिशत बढ़कर 3 हजार 457 करोड़ रुपये हो गया। रेस्पिरेटरी, यूरोलॉजी, कार्डियक और एंटी-डायबिटिस सेगमेंट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। हालांकि नॉर्थ अमेरिका रीजन में इस कंपनी के व्यवसाय को इस दौरान झटका लगा। एक साल पहले की तुलना में यह 22 प्रतिशत घटकर 1 हजार 485 करोड़ रुपये हो गया। लेकिन साउथ अफ्रीका में कंपनी का व्यवसाय 2 प्रतिशत बढ़ा, और यूरोप में व्यवसाय 13 प्रतिशत बढ़ा।
वित्तीय रिपोर्ट कमजोर आने के कारण शुक्रवार को इस कंपनी का स्टॉक भी दबाव में आया। शुक्रवार को यह 4.30 प्रतिशत घटकर 1 हजार 311 रुपये पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में भी इस स्टॉक की कीमत साढ़े 12 प्रतिशत से ज्यादा गिर गई है। पिछले एक साल में इस स्टॉक में करीब 10 प्रतिशत की गिरावट हुई है।
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