नई दिल्ली : देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल वसूली में 2026 वित्त वर्ष में नया रिकॉर्ड बनने जा रहा है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष की पहली तीन तिमाहियों में ही 50 हजार 345 करोड़ रुपये का टोल वसूला जा चुका है, जो 2025 वित्त वर्ष की कुल वसूली का लगभग 82 प्रतिशत है। 2025 वित्त वर्ष में राष्ट्रीय राजमार्गों से कुल 61 हजार 408 करोड़ रुपये का टोल वसूला गया था। मौजूदा रफ्तार से वसूली जारी रहने पर 2025-2026 वित्त वर्ष में टोल आय का आंकड़ा पिछले सभी वर्षों के रिकॉर्ड को पार कर जाएगा, ऐसा परिवहन मंत्रालय का मानना है।
राज्यसभा में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार 2024 वित्त वर्ष में 55 हजार 882 करोड़ रुपये का टोल वसूला गया था। 2023 वित्त वर्ष में यह 48 हजार 32 करोड़ रुपये था। 2022 वित्त वर्ष में 33 हजार 929 करोड़ रुपये और 2021 वित्त वर्ष में 27 हजार 927 करोड़ रुपये का टोल वसूला गया था। 2021 वित्त वर्ष से 2025 के दिसंबर तक कुल टोल संग्रह लगभग 2.78 लाख करोड़ रुपये हो चुका है। पिछले पांच वर्षों में यह वसूली लगभग 120 प्रतिशत बढ़ी है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि हाईवे की लंबाई में वृद्धि, वाहनों की संख्या में बढ़ोतरी और FASTag व्यवस्था के कारण टोल वसूली बढ़ी है। पहले एक वाहन को प्लाजा पार करने में औसतन 12.23 मिनट लगते थे, अब मात्र 40 सेकंड लगते हैं।
टोल वसूली में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु आगे हैं। इन पांच राज्यों से मिलकर कुल वसूली का लगभग 48 प्रतिशत आता है।