नई दिल्ली : देश की प्रमुख उपभोक्ता वस्तु निर्माता कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) ने अपने व्यवसाय की सफलता की लय बनाए रखी है। इस कंपनी ने गुरुवार को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही का वित्तीय रिपोर्ट जारी किया। पिछले साल की तुलना में इस अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट 120 प्रतिशत बढ़कर 6 हजार 603 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
मुनाफा बढ़ने का असली कारण क्या है?
पिछले साल इसी समय कंपनी का मुनाफा 2 हजार 989 करोड़ रुपये था। इस बार यह दोगुना होने के पीछे एक विशेष कारण है। हिंदुस्तान यूनिलीवर ने अपने आइसक्रीम व्यवसाय को मुख्य कंपनी से अलग (डिमर्जर) कर दिया। इस प्रक्रिया के परिणामस्वरूप कंपनी को 4 हजार 611 करोड़ रुपये का एक विशेष एककालीन लाभ (Exceptional Gain) हुआ। इसका सीधा प्रभाव कंपनी के मुनाफे पर पड़ा।
एक नजर में कंपनी का वित्तीय विवरण :
कुल आय : पिछले साल के 15 हजार 788 करोड़ रुपये से 5 प्रतिशत बढ़कर 16 हजार 580 करोड़ रुपये हुई।
EBITDA : 3 प्रतिशत वृद्धि के साथ 3 हजार 788 करोड़ रुपये हुई।
मार्जिन : हालांकि कच्चे माल की लागत बढ़ने के कारण मुनाफे का मार्जिन थोड़ी घटकर 24% से 23.3% रह गया।
आइसक्रीम व्यवसाय और नए निवेश
कंपनी ने अपने लोकप्रिय आइसक्रीम ब्रांड ‘क्वालिटी वॉल्स’ (Kwality Walls) की डिमर्जर प्रक्रिया पूरी कर ली है। बहुत जल्द इसे शेयर बाजार में एक अलग कंपनी के रूप में सूचीबद्ध किया जा सकता है। साथ ही कंपनी ने न्यूट्रिशन ब्रांड ‘OZiva’ का पूर्ण स्वामित्व लेने की घोषणा की है। हालांकि आशानुरूप परिणाम न मिलने के कारण ‘Wellbeing Nutrition’ से बाहर जाने का निर्णय लिया गया है।
वित्तीय परिणामों पर कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ प्रिया नायर ने कहा कि बाजार की प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच भी हमारा व्यवसाय बढ़ा है। आइसक्रीम व्यवसाय को अलग करने से हम अपने मुख्य व्यवसाय पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। OZiva का पूर्ण अधिग्रहण और कम लाभकारी व्यवसाय से बाहर निकलना हमारी पूंजी निवेश की योजना का हिस्सा है।
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