मुंबईः 2025 में देशभर के एटीएम से नकद निकासी में गिरावट देखी गई, जबकि प्रति ट्रांजैक्शन औसत निकासी राशि में वृद्धि हुई है। यह जानकारी प्रमुख कैश मैनेजमेंट कंपनी CMS Info Systems की रिपोर्ट में सामने आई।
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में प्रति एटीएम मासिक औसत नकद निकासी 1.21 करोड़ रुपये रही, जबकि 2024-25 में यह 1.30 करोड़ रुपये थी। हालांकि, प्रति निकासी औसत राशि बढ़कर 5,835 रुपये हो गई, जो 2024 में 5,586 रुपये थी।
क्षेत्रीय आंकड़े बताते हैं कि कर्नाटक के एटीएम से सबसे अधिक नकद निकासी हुई (1.73 करोड़ प्रति मशीन), जबकि जम्मू और कश्मीर में सबसे कम (83 लाख प्रति मशीन) रही। अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निकासी का रुझान ज्यादा रहा (1.30 करोड़ प्रति मशीन) बनाम मेट्रो (1.18 करोड़) और शहरी क्षेत्र (1.11 करोड़)।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि मौसमी घटनाएं, त्यौहार और परिवहन की सुविधा नकद निकासी पर प्रभाव डालते हैं। डिजिटल भुगतान की बढ़ती लोकप्रियता, GST सुधारों और विभिन्न सरकारी पहलें भी लोगों के खर्च के पैटर्न को बदल रही हैं।
वित्तीय व्यवहार में बदलाव को दर्शाते हुए, बीमा क्षेत्र ने 2025 में उपभोक्ता खर्च में दूसरे स्थान पर कब्जा किया, जिसमें 32% की वृद्धि हुई। वहीं, शिक्षा (7%), हॉस्पिटैलिटी (9%) और मीडिया-एंटरटेनमेंट (15%) में खर्च घटा।
हालांकि नकद निकासी में गिरावट आई है, बढ़ती औसत राशि और ग्रामीण-अर्धशहरी क्षेत्रों में मजबूत निकासी यह दर्शाती है कि नकद अभी भी आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल के बावजूद, लोग बड़ी राशि की लेनदेन के लिए नकद का इस्तेमाल जारी रख रहे हैं। एटीएम प्रबंधन कंपनियों के लिए यह संकेत है कि उनकी रणनीति क्षेत्रीय जरूरतों और मौसमी बदलावों को ध्यान में रखते हुए बनाए रखी जानी चाहिए।