🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

पेरू के स्टॉल पर संस्कृति और पर्यटन की झलक, कार्लोस ने साझा किए अनुभव

कोलकाता बुक फेयर में पेरू की सभ्यता, पर्वत और इन्का संस्कृति पर चर्चा।

By रजनीश प्रसाद

Jan 29, 2026 00:44 IST

कोलकाता : कोलकाता अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले में बुधवार को सातवां दिन खास रहा, जहां दक्षिण अमेरिकी देश पेरू इस दिन का प्रमुख आकर्षण बना। पेरू के स्टॉल पर बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे और वहां की संस्कृति, परंपराओं, इतिहास और जीवनशैली के बारे में जानकारी हासिल की। स्टॉल पर मौजूद पेरू से आए कार्लोस लोगों को अपने देश की विविधताओं से रूबरू कराते नजर आए।

कार्लोस ने बताया कि उनका जन्म पेरू की राजधानी लीमा में हुआ था। उन्होंने अकाउंटिंग और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की और कुछ समय तक बैंकिंग क्षेत्र में भी काम किया। करीब बीस वर्ष पहले वे भारत आए थे। एक दिन पेरू दूतावास से संपर्क होने के बाद उन्होंने पेरू की संस्कृति, त्योहारों और परंपराओं को भारत में लोगों तक पहुंचाने का काम शुरू किया। पिछले तीन वर्षों से वे पेरू दूतावास के सहयोग से इस कार्य में सक्रिय हैं और दूतावास की ओर से उन्हें विभिन्न पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं।

पेरू के स्टॉल पर लगभग 40 से 50 पुस्तकें प्रदर्शित की गई थीं। हालांकि इन पुस्तकों पर ‘बिक्री के लिए नहीं’ जैसा कोई संकेत नहीं था, लेकिन कार्लोस ने स्पष्ट किया कि ये सभी पुस्तकें केवल प्रदर्शनी के उद्देश्य से रखी गई हैं। अधिकांश पुस्तकें अंग्रेजी और स्पेनिश भाषा में हैं, जबकि कुछ किताबें भारत और पेरू के सांस्कृतिक संबंधों पर आधारित हैं।

कार्लोस ने पेरू के एक ऐसे पर्वत के बारे में भी बताया, जिसके पीछे से सूर्य उदय होता है और दृश्य अत्यंत मनोहारी होता है। पश्चिम बंगाल से गए कुछ पर्यटकों ने उस दृश्य को देखा और पेरू के पर्यटन व संस्कृति पर एक पुस्तक लिखी, जिसे यहां स्टॉल पर प्रदर्शित किया गया है। उन्होंने हिंदी भाषा में प्रकाशित एक पुस्तक भी दर्शकों को दिखाई।

स्टॉल पर पेरू की प्राचीन सभ्यता, मंदिरों, खेती की परंपराओं, लोकनृत्यों, रंग-बिरंगे त्योहारों और पहाड़ों से घिरे खूबसूरत शहरों से जुड़ी जानकारियां भी साझा की जा रही हैं। कार्लोस का कहना है कि पेरू की संस्कृति भारत की तरह ही विविधताओं से भरी है, यही वजह है कि लोग इसे जानने में खास रुचि दिखा रहे हैं।

Next Article
रिकॉर्ड 32 लाख पाठकों संख्या के साथ संपन्न हुआ कोलकाता पुस्तक मेला

Articles you may like: