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ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने लिया था SBI से कर्ज और रवींद्र नाथ टैगोर का था करेंट अकाउंट! पुस्तक मेले में चल रही अनोखी प्रदर्शनी

सिर्फ विद्यासागर ही नहीं बल्कि जगदीश चंद्र बोस ने भी इस बैंक से कर्ज लिया था और रवींद्र नाथ टैगोर का कोई सेविंग्स नहीं बल्कि करेंट अकाउंट था।

By Moumita Bhattacharya

Jan 26, 2026 19:40 IST

आज के समय में हर नागरिक का कम से कम किसी एक बैंक में सेविंग्स (Savings) अकाउंट जरूर होता है। लेकिन कविगुरु रवींद्र नाथ टैगोर का कोई सेविंग्स अकाउंट नहीं था बल्कि उनका करेंट (Current) अकाउंट था। सिर्फ इतना ही नहीं ईश्वर चंद्र विद्यासागर जिनके बारे में हमने बचपन से ही किताबों में पढ़ा था, उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से कर्ज लिया था। सिर्फ विद्यासागर ही नहीं बल्कि जगदीश चंद्र बोस (J C Bose) ने भी इस बैंक से कर्ज लिया था।

गौर करने वाली बात है कि जिस समय अपने-अपने क्षेत्र के ये दिग्गज स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से जुड़े थे, उस समय इस बैंक का नाम SBI नहीं था। यूं कहा जा सकता है कि उस समय तक SBI का गठन भी नहीं हुआ था।

अब आप कहेंगे कि इनका क्या सबूत है? अगर सबूत देखना है तो सॉल्टलेक सेंट्रल पार्क में स्थित बोईमेला प्रांगण में चल रहे अंतर्राष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेला 2026 परिसर में पहुंचना होगा। यहां स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) का एक विशेष स्टॉल लगाया गया है जहां एक प्रदर्शनी चल रही है। इस प्रदर्शनी में SBI के पहले से लेकर अब तक के सभी लोगो, कौन से प्रमुख दिग्गजों के अकाउंट इस बैंक में रह चुके हैं, से लेकर SBI के इतिहास के संबंध में पूरी जानकारी दी जा रही है।

यह प्रदर्शनी पब्लिशर्स एंड बुकसेलर्स गिल्ड के ऑफिस के ठीक बगल में बनी SBI के एक स्टॉल पर चल रही है।

बता दें, ईश्वर चंद्र विद्यासागर के जमाने में जब उन्होंने इस बैंक से कर्ज लिया था तब यह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया नहीं बल्कि बैंक ऑफ बंगाल अथवा इम्पिरियल बैंक ऑफ इंडिया हुआ करता था। कई बदलावों से गुजरने के बाद आखिरकार आज का स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बनकर तैयार हुआ। इस प्रदर्शनी में प्रमुख रूप से जो चीजें लोगों का ध्यान आकर्षित करेंगी उनमें शामिल है -

1. ईश्वर चंद्र विद्यासागर का कर्ज वाला बैंक अकाउंट।

2. जे. सी. बोस का कर्ज वाला बैंक अकाउंट।

3. देश के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद का अकाउंट खुलवाने का फॉर्म, जिसमें उनका हस्ताक्षर भी है।

4. रवींद्र नाथ टैगोर का करेंट अकाउंट पास बुक।

5. जे. आर. डी. टाटा का स्टेट बैंक को लिखा पत्र।

इस प्रदर्शनी में इन सभी दस्तावेजों या यूं कहे धरोहरों की फोटो प्रदर्शित की गयी है। अगर आप असलियत में इन दस्तावेजों को देखना चाहते हैं तो आपको स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के आर्काइव एंड म्यूजियम में आना होगा। यह म्यूजियम स्टेट बैंक की उस इमारत में तैयार की गयी है जहां कोलकाता में SBI की पहली शाखा खुली थी।

कोलकाता पुस्तक मेले के स्टॉल पर मौजूद एक अधिकारी ने समाचार एई समय को बताया कि पुस्तक मेले का सक्रिय भागीदार के तौर पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया काम कर रहा है। इस मेले की वजह से छुट्टी के दिन भी हमारे लगभग 20% कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं और पुस्तक मेले को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में स्कूली छात्र देश के सबसे पुराने बैंक के इतिहास को देखने और समझने के लिए स्कूल से, अपने माता-पिता और शिक्षकों के साथ SBI के म्यूजियम में आते रहते हैं।

स्टेट बैंक आर्काइव्स एंड म्यूजियम

पता - 11वां तल, ब्लॉक बी, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, 1 स्ट्रैंड रोड, कोलकाता

समय - सुबह 10.30 से शाम 5.30 बजे तक

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रिकॉर्ड 32 लाख पाठकों संख्या के साथ संपन्न हुआ कोलकाता पुस्तक मेला

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