कोलकाता : घर के पारंपरिक खाने और अंतरराष्ट्रीय स्वादों के मेल का खूबसूरत उदाहरण तब सामने आया जब लेखिका काबेरी बिश्वास की बहुप्रतीक्षित बंगाली कुकबुक ‘काबेरीर रान्नाघर’ का औपचारिक अनावरण किया गया। प्रज्ञा पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक तीन-भाग वाली पाक कला श्रृंखला की पहली कड़ी है जिसका उद्देश्य बंगाली दृष्टिकोण से वैश्विक व्यंजनों को घरेलू रसोई तक पहुंचाना है।
इस अवसर पर भोजन, प्रकाशन, हॉस्पिटैलिटी और उद्यमिता जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियां मौजूद रहीं। पुस्तक का लोकार्पण सुब्रत दत्ता, इंद्रजीत लाहिड़ी, त्रिदिब कुमार चटर्जी, सुधांशु शेखर डे, शेफ पलक चटर्जी, शेफ जयंत बनर्जी सहित कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में हुआ, जिससे कार्यक्रम अत्यंत गरिमामय और यादगार बन गया।
काबेरीर रान्नाघर की खासियत इसकी ताजा और व्यावहारिक शैली है। इसमें कॉन्टिनेंटल, चीनी, पारसी, अफगानी जैसी वैश्विक रेसिपीज को इस तरह प्रस्तुत किया गया है कि वे रोजमर्रा की घरेलू रसोई में आसानी से बनाई जा सकें। पहली पुस्तक में सलाद, स्नैक्स और चुनिंदा चिकन रेसिपीज शामिल हैं, जबकि पारंपरिक दाल या शुक्तो जैसे व्यंजनों को जानबूझकर छोड़कर पाठकों को नया स्वाद अनुभव देने का प्रयास किया गया है।
लेखिका काबेरी बिश्वास का कहना है कि यह किताब उनके दिल और रसोई से निकली है। बचपन से मां के मार्गदर्शन और बाद में पेशेवर प्रशिक्षण से निखरे उनके अनुभव इस पुस्तक में झलकते हैं। लगभग सात महीनों की मेहनत से तैयार यह कुकबुक सिर्फ रेसिपी संग्रह नहीं, बल्कि भोजन के ज़रिये संस्कृतियों को जोड़ने का एक सशक्त प्रयास है। आने वाले संस्करणों में पारंपरिक बंगाली व्यंजन और बेक्ड आइटम्स शामिल होंगे, जिससे यह श्रृंखला और भी समृद्ध होगी।