उत्तर 24 परगना का संदेशखाली एक बार फिर से चर्चाओं में छा गया है। लेकिन इस बार यहां कुछ ऐसा हुआ है जिसने लोगों की नींदे उड़ा दी है। ट्रंक के अंदर से एक मां और उसकी साढ़े 3 साल की बच्ची का अधजला व अर्द्धनग्न शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल रही है।
ट्रंक के अंदर मां का शव घुटने मोड़ कर बैठी हुई स्थिति में पाया गया जिसके पैरों के पास उसकी बच्ची का शव रखा हुआ था। रविवार की सुबह संदेशखाली के मणिपुर इलाके से यह शव बरामद किया गया। घटनास्थल पर संदेशखाली थाना और बसिरहाट जिला पुलिस पहुंच चुकी है।
बताया जाता है कि पूछताछ के लिए बच्ची के पिता विप्लव माईति को हिरासत में लिया गया है। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार की सुबह विप्लव के पिता और मां सोनारपुर गए थे। वह उनकी पत्नी और भाई-भाभी ही घर पर थे। कथित तौर पर रविवार की सुबह नींद से जागने के बाद विप्लव को बिस्तर पर पत्नी और बेटी नहीं मिली।
आरोप है कि इसके बाद घर की दूसरी मंजिल के बराम्दे पर एक ट्रंक के अंदर से 22 वर्षीया पत्नी और बेटी का अधजला शव रखा हुआ दिखाई दिया। आरोप है कि शव बैठी हुई अवस्था में बरामद हुई और पैरों के पास बेटी का शव रखा हुआ था। पास में ही केरोसिन तेल का डिब्बा भी रखा हुआ था लेकिन वह बिल्कुल भी नहीं जला।
अनुमान लगाया जा रहा है कि घटना भोर के समय घटी हो सकती है। संदेशखाली थाना की पुलिस सुबह जाकर दोनों शवों को जब्त किया। घटना की जानकारी मिलते ही मणिपुर ग्राम पंचायत के प्रधान प्रसेनजीत गांगुली तुरंत मौके पर पहुंचे। अपने बयान में उन्होंने कहा कि यह घटना मर्मांतिक है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उन्होंने बताया कि पुलिस के साथ मैं अंदर गया था। देखा बॉक्स के अंदर महिला बैठी हुई अवस्था में है और पैरों के पास बच्ची की लाश पड़ी हुई है। इलाके के लोगों से बात करके पता चला कि घर के लोगों के साथ संबंध अच्छे थे। हालांकि उनके पिता बहू के किसी बीमारी से पीड़ित होने की बात बता रहे थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इलाके के लोगों ने संदेह व्यक्त किया कि इस घटना को उन्होंने (मृतका) ट्रंक के अंदर घुसकर ही क्यों अंजाम दिया? क्या आग लगाने के बाद जलन और कष्ट की वजह से बैठे रहना संभव है? मृतका के बड़े भाई का कहना है कि सुबह साढ़े 5 बजे के आसपास फोन पर घटना के बारे में बताया गया। यह घटना मुझे सामान्य नहीं लग रही है। एक घर के अंदर ऐसा कैसे हो गया और किसी को कुछ पता ही नहीं चल सका? जांच होनी चाहिए।