शनिवार को जो पश्चिम बंगाल में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई, उसमें मतदाताओं को मुख्यतः तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। जिन मतदाताओं पर कोई आपत्ति नहीं है, उनके नाम मतदाता सूची में हैं। जिनके नाम सुनवाई और दस्तावेज जांच के बाद हटाए गए हैं, उनके नाम के ऊपर 'Deleted' लिखा गया है। इसके अलावा जिन मतदाताओं के दस्तावेज जांच का काम चल रहा है, उनके नाम के ऊपर 'Under Adjudication' लिखा गया है।
इस दिन एक पत्रकार सम्मेलन में राज्य के CEO कार्यालय ने बताया कि कुल 7 करोड़ 4 लाख 59 हजार 284 लोगों के नाम प्रकाशित किए गए हैं। इनमें से 60 लाख 6 हजार 675 नाम अभी भी 'विचाराधीन' हैं। 'विचाराधीन' इस श्रेणी में शामिल मतदाताओं के नाम के ऊपर 'Under Adjudication' लिखा है। यानी, कोलकाता उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त न्यायाधीश इन मतदाताओं के दस्तावेज़ की जांच कर रहे हैं। दस्तावेज की जांच पूरी होने के बाद 'योग्य' मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में जोड़ दिए जाएंगे।
चुनाव आयोग के अनुसार राज्य के मुर्शिदाबाद जिले में सबसे ज्यादा 'विचाराधीन' मतदाता हैं। कुल 11,01,145 मतदाता विचाराधीन हैं। इसके बाद मालनदा (8,28,127 मतदाता विचाराधीन), उत्तर 24 परगना (5,91,252 मतदाता विचाराधीन) और दक्षिण 24 परगना (5,22,042 मतदाता विचाराधीन) हैं। सबसे कम विचाराधीन मतदाता झारग्राम जिले में (6,682 मतदाता) और कालिम्पोंग जिले में (6,790 मतदाता) हैं। उत्तर कोलकाता में 5 लाख 91 हजार 252 और दक्षिण कोलकाता में 5 लाख 22 हजार 42 मतदाता विचाराधीन हैं।
यह उल्लेखनीय है कि राज्य के SIR मामले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि मतदाताओं के दस्तावेज़ जांच प्रक्रिया की निगरानी कोलकाता उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त न्यायाधीश करेंगे। यह काम सोमवार से शुरू हो चुका है। दस्तावेज़ जांच प्रक्रिया जल्दी पूरी होने की उम्मीद जताई गई है राज्य के CEO मनोज कुमार अग्रवाल द्वारा।