अबू धाबीः मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच शुक्रवार को अबू धाबी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सैकड़ों भारतीयों समेत हजारों यात्री फंस गए। यह स्थिति तब पैदा हुई जब ईरान ने इस क्षेत्र में कई हमले किए, जिन्हें कथित तौर पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर अंजाम दिया गया। ये हमले इज़राइल और अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ चलाए गए संयुक्त सैन्य अभियान के बाद हुए। इन्हें तेहरान से उत्पन्न खतरे को खत्म करने की कार्रवाई बताया गया था।
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक तनाव बढ़ने के साथ ही हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया, जिससे मध्य पूर्व के सबसे व्यस्त ट्रांजिट केंद्रों में शामिल अबू धाबी एयरपोर्ट का संचालन ठप हो गया। हालात उस समय और बिगड़ गए जब टर्मिनलों में अचानक अलार्म बजने लगे। घबराए यात्री बाहर निकलने की कोशिश करने लगे, जबकि नेशनल गार्ड के जवानों ने तुरंत एयरपोर्ट का नियंत्रण संभाल लिया और लोगों को सुरक्षा के लिए इमारत के अंदर ही रहने को कहा।
विस्फोटों की खबर के कुछ ही मिनटों में सभी उड़ानें रोक दी गईं। करीब दो घंटे बाद आधिकारिक तौर पर सभी प्रस्थान उड़ानों को रद्द करने की घोषणा कर दी गई। इससे हजारों अंतरराष्ट्रीय यात्री असमंजस की स्थिति में आ गए।
अबू धाबी एयरपोर्ट एशिया, यूरोप, अमेरिका और अफ्रीका को जोड़ने वाला एक अहम केंद्र है। उड़ानें रद्द होने से वैश्विक विमानन नेटवर्क पर असर पड़ा और सैकड़ों कनेक्टिंग फ्लाइट्स प्रभावित हुईं। दर्जनों देशों के यात्री फंस गए। एयरपोर्ट के अंदर पहले अफरातफरी और फिर चिंता का माहौल बन गया। खाने-पीने के स्टॉल और रेस्तरां पर भीड़ लग गई। बिजनेस और फर्स्ट क्लास लाउंज पूरी तरह भर गए। एयरपोर्ट का एकमात्र ट्रांजिट होटल, जो सुबह तक छूट दे रहा था, कुछ ही घंटों में पूरी तरह बुक हो गया।
ट्रांसफर काउंटरों पर लंबी कतारें लग गईं। यात्री एयरलाइन और एयरपोर्ट नियमों के तहत होटल की सुविधा पाने के लिए घंटों इंतजार करते रहे। जिन विदेशी यात्रियों के पास यूएई का वीजा नहीं था, उन्हें 10 दिन का आपातकालीन ट्रांजिट वीजा देने की पेशकश की गई, लेकिन इसके लिए भी लंबी कतारों से गुजरना पड़ा।
दुबई में काम करने वाले कुछ भारतीय कर्मचारी, जो हमले के समय एयरपोर्ट पर थे, उन्हें अधिकारियों ने हालात सामान्य होते ही भारत लौटने की सलाह दी। इस बीच एयरपोर्ट प्रशासन ने फंसे यात्रियों के लिए भोजन और पानी की आपात व्यवस्था की।
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि देश पर ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया। मंत्रालय ने कहा कि यूएई की वायु रक्षा प्रणाली ने कई मिसाइलों को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया। हालांकि कुछ मलबा एक रिहायशी इलाके में गिरा, जिससे मामूली नुकसान हुआ और एक एशियाई नागरिक की मौत हो गई।
मंत्रालय ने कहा कि देश की सुरक्षा स्थिति नियंत्रण में है और सभी एजेंसियां चौबीसों घंटे हालात पर नजर रख रही हैं। नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने की कड़ी निंदा करते हुए मंत्रालय ने इसे राष्ट्रीय संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। यूएई ने स्पष्ट किया कि वह अपनी सुरक्षा और स्थिरता की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने का अधिकार रखता है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लें और अफवाहों से बचें।