राज्य के विभिन्न इलाकों में SIR की सुनवाई प्रक्रिया चल रही है। इस बीच दक्षिण 24 परगना जिले के राजपुर-सोनारपुर नगरनिगम क्षेत्र की एक सुनवाई केंद्र से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां मतदाताओं को सुनवाई के लिए एक रहस्यमय फॉर्म दिया जा रहा है। क्यों और किसके आदेश से यह फॉर्म मतदाताओं को दिया जा रहा है?
इन सभी सवालों को लेकर चुनाव आयोग के अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। इस बारे में जब पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अगरवाल से संपर्क किया गया तो उन्होंने जो कुछ बताया वह काफी चौंकाने वाला था।
क्या है यह रहस्यमय फॉर्म?
आरोप लगाया जा रहा है कि राजपुर सोनारपुर नगरनिगम के वार्ड नंबर 32 के बूथ संख्या 252 और 253 पर मतदाताओं को यह रहस्यमय फॉर्म दिया गया है। फॉर्म के ऊपर लिखा हुआ है, 'वंश के संबंध में जानकारी प्रदान और घोषणापत्र'। बताया जाता है कि वंश या खानदान के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए यह फॉर्म दिया जा रहा है। आरोप है कि फॉर्म पर कटवा विधानसभा का नाम और पश्चिम बंगाल प्राथमिक स्कूल शिक्षा विभाग का लोगो लगा हुआ है।
CEO ने क्या कहा?
इस बारे में राज्य के CEO मनोजकुमार अगरवार से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि ऐसी किसी भी फॉर्म के वितरण से संबंधित कोई निर्देशिका जारी नहीं की गयी है। अगर इस बारे में चुनाव आयोग के पास शिकायत दर्ज करवायी जाती है तो आयोग आवश्यक करेगा। वहीं इस बारे में राजपुर सोनारपुर नगरपालिका के वार्ड नंबर 32 के पार्षद वरुण सरकार ने कहा कि मुझे घटना की जानकारी मिली है। इसलिए मैं सुनवाई केंद्र पर आया हूं।
मैंने आयोग के अधिकारियों से पूछा कि यह फॉर्म आपलोगों को कहां से मिला? क्यों यह फॉर्म दिया जा रहा है। मुझसे कहा गया कि अगर कोई चाहेगा तो वह यह फॉर्म भरकर देगा और अगर नहीं चाहता तो नहीं देगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी तरह से एक गलत फॉर्म वितरित किया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार दोनों बूथ पर कुल 150 मतदाताओं को सुनवाई के लिए बुलाया गया है। आरोप है कि जिन परिवारों में सदस्यों की संख्या 6 अथवा उससे अधिक है उनको ही यह खास लेकिन बड़े ही रहस्यमय फॉर्म दिया जा रहा है। मतदाताओं का दावा है कि यह फॉर्म दिखने में शिक्षा विभाग के पोर्टल के फॉर्म जैसा है।
घटना की जानकारी मिलते ही राजपुर सोनारपुर नगरपालिका के वार्ड नंबर 32 के पार्षद मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना को लेकर तीव्र विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को लेकर संबंधित BLO के साथ बात करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिल सका है।