गत 15 जनवरी को उत्तर बंगाल में बक्सा के जंगलों में लंबे अर्से बाद दिखा था रॉयल बंगाल टाइगर। लगभग 3 सालों बाद बक्सा टाइगर रिजर्व में बाघ की झलक दिखाई दी थी। कहा जा रहा है कि यह बाघ बक्सा टाइगर रिजर्व का स्थायी निवासी नहीं बल्कि कोई गुजरता हुआ मेहमान है। लेकिन क्या यह मेहमान अपने रास्ते पर आगे बढ़ चुका है या फिर अभी भी बक्सा में रुका हुआ है?
बुधवार की रात को बक्सा टाइगर रिजर्व प्रबंधन के लगाए हुए कई ट्रैप कैमरों में से 4 कैमरे में बाघ की तस्वीर कैद हुई है जिसे जारी किया गया है। इसके साथ ही वन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि यह बाघ लगातार दहाड़ कर अपनी उपस्थिति का अहसास भी करा रहा है।
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बताया जाता है कि बक्सा टाइगर रिजर्व में रॉयल बंगाल टाइगर की जो तस्वीरें कैद हुई है, उन्हें बक्सा टाइगर परियोजना की ओर से देहरादून वाइल्ड लाइफ इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया में भेजा गया है। बाघ विशेषज्ञों इन फोटो का विश्लेषण किया और बताया है कि वर्ष 2021 और 2023 की तुलना में साल 2026 में बक्सा टाइगर रिजर्व में आया बाघ काफी बड़ा है।
इस बारे में बक्सा टाइगर परियोजना में पश्चिम बंगाल के अधिकारी हरिकृषांग पिजे ने बताया कि इस बार का बाघ आकार में जितना विशाल है, उसके चलने-फिरने का अंदाज भी उतना ही शाही है। हम इस बाघ को सामने से देखने की लगातार कोशिशें कर रहे हैं।
गौरतलब है कि साल 2021, 2023-24 और 2026...हर बार सर्दियों के मौसम में ही बाघों ने बक्सा टाइगर रिजर्व में अपनी उपस्थिति दर्ज करवायी है। सर्दियों का मौसम खत्म होते ही बाघ भी न जाने कहां लुप्त हो जाते हैं। लेकिन अभी तक यह बाघ बक्सा टाइगर रिजर्व में अलग-अलग जगहों पर दिखाई दे रहा है। हालांकि वर्तमान में जो बाघ बक्सा में दिखाई दे रहा है, वह कहां से आया है यह अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है।