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3 साल बाद बक्सा टाइगर रिजर्व में दिखा रॉयल बंगाल टाइगर, वापसी या बस गुजरता मेहमान?

वन विभाग के अधिकारियों का प्राथमिक अनुमान है कि यह बाघ नर है और पूर्ण रूप से वयस्क हो चुका है।

By Moumita Bhattacharya

Jan 19, 2026 15:38 IST

3 सालों बाद फिर से बक्सा टाइगर रिजर्व में मिले दर्शन। 15 जनवरी की देर रात को बक्सा के गहरे जंगल में कैमरा ट्रैप में बाघ की स्पष्ट गतिविधि नजर आयी है। इससे पहले आखिरी बात साल 2023 में इस जंगल में बाघ की उपस्थिति के संकेत मिले थे। सिर्फ इतना ही नहीं, हाल ही में जलदापाड़ा राष्ट्रीय उद्यान में भी बाघों के पैरों के स्पष्ट निशान दिखाई दिए थे।

हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि बक्सा के गहरे जंगल में कैमरा ट्रैप में जिस बाघ की तस्वीर कैद हुई है, वहीं जलदापाड़ा नेशनल पार्क में भी घूम रहा था या यहां कोई दूसरा बाघ है। हालांकि वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इससे पहले जब भी बक्सा टाइगर रिजर्व में बाघों की उपस्थिति का पता चला है, तब जलदापाड़ा नेशनल पार्क में भी बाघों के पैरों के निशान पाए हैं।

रात को कैद हुई बाघ की तस्वीर

मिली जानकारी के अनुसार बक्सा टाइगर रिजर्व में हजारों की संख्या में ट्रैप कैमरे लगाए हुए हैं। उनमें से एक कैमरे में 15 जनवरी की रात को करीब 8.19 बजे एकदम करीब से बाघ की तस्वीर कैद हुई है। वन विभाग के अधिकारियों का प्राथमिक अनुमान है कि यह बाघ नर है और पूर्ण रूप से वयस्क हो चुका है।

इससे पहले साल 2021 के दिसंबर में बक्सा टाइगर रिजर्व में बाघ की उपस्थिति का पता चला था। अगर उससे पुराना इतिहास देखा जाए तो 30 सालों से इस जंगल में बाघ का नामों निशान भी नहीं मिला था। हालांकि इससे पहले कभी भी बाघों की इतने करीब से ट्रैप कैमरे में तस्वीर कैद नहीं हुई थी।

कैमरा ट्रैप में कैद बाघ की तस्वीर

स्थायी निवासी या फिर गुजरता मेहमान?

साल 2021, 2023-24 और 2026...हर बार सर्दियों के मौसम में ही बाघों ने बक्सा टाइगर रिजर्व में अपनी उपस्थिति दर्ज करवायी है। सर्दियों का मौसम खत्म होते ही बाघ भी न जाने कहां लुप्त हो जाते हैं। इन तीन सालों में बाघों की उपस्थिति का विश्लेषण कर बताया जाता है कि असम के रायमोना, मानस या फिर भूटान से ही रॉयल बंगाल टाइगर बक्सा में आ जाते हैं। अगर यह सच हुआ तो यह निश्चित है कि बक्सा में जो भी बाघ दिखाई देते हैं वह यहां के स्थायी निवासी नहीं बल्कि मेहमान होते हैं।

वन विभाग के एक पूर्व अधिकारी के हवाले से संभावना जतायी जा रही है कि नेवड़ा वैली से लेकर जलदापाड़ा होकर बक्सा में एक ही बाघ को घुमते-फिरते देखा गया है। संभव है कि यह पूर्ण वयस्क बाघ अपने नए साम्राज्य के लिए जगह की खोज, यहां खाने-पीने की क्या स्थिति है, उसके रहने के लिए यह इलाका आदर्श है या नहीं इसकी जानकारी जुटा रहा हो। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि साल 2021 और 2023 में जो जिन बाघों की तस्वीरें सामने आयी थी, दोनों बाघ अलग थे।

साल 2024 की जनवरी में बक्सा में जिस बाघ को देखा गया था वह मानस से ही आया था। यह नेशनल टाइगर कन्जर्वेशन अथॉरिटी की समीक्षा में स्पष्ट भी हो चुका है। हालांकि वर्तमान में जो बाघ बक्सा में दिखाई दे रहा है, वह कहां से आया है यह अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है।

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