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नाटकीय फाइनल में ब्राहिम–हाकिमी की टीम का सपना टूटा, मोरक्को को पछाड़कर अफ्रीका का सर्वश्रेष्ठ बना सेनेगल

अफ्रीका कप ऑफ नेशंस के फाइनल में सेनेगल ने 1-0 से जीत दर्ज की।

By सौम्यदीप दे, Posted by: रजनीश प्रसाद

Jan 19, 2026 13:50 IST

रबात : क्लब फुटबॉल हो या राष्ट्रीय टीमों का मुकाबला हाल के वर्षों में फुटबॉल प्रेमियों ने कई फाइनल में कड़े और रोमांचक मैच देखे हैं लेकिन रविवार को अफ्रीका कप ऑफ नेशंस (AFCON) का फाइनल मानो उन सभी को पीछे छोड़ गया। मोरक्को बनाम सेनेगल के इस मुकाबले से दर्शकों को एक थ्रिलर की उम्मीद थी लेकिन इतने नाटकीय मोड़ शायद किसी ने नहीं सोचे थे।

कभी रेफरी के फैसले के विरोध में सेनेगल के खिलाड़ियों का मैदान छोड़ने की तैयारी तो कभी टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में गिने जाने वाले ब्राहिम दीआज का पेनल्टी चूक जाना इस सबके बीच नाटकीय मैच में मोरक्को का सपना टूट गया। पहली बार AFCON चैंपियन बनने की उनकी प्रतीक्षा और लंबी हो गई। हाकिमी–ब्राहिम की टीम को पछाड़कर सेनेगल चैंपियन बना। मैच का एकमात्र गोल 94वें मिनट में पापा गुइये ने कर टीम को जीत दिलाई।

मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया लेकिन कोई भी गोल नहीं कर सका। 37वें मिनट में मोरक्को के गोलकीपर यासिन बुनू ने निश्चित गोल बचाया। आमने–सामने की स्थिति में मामादू सार के शॉट को रोकते हुए उन्होंने शानदार बचाव किया। इस सेव की तुलना कई लोग 2022 विश्व कप फाइनल में अर्जेंटीना के गोलकीपर एमी मार्टिनेज की आइकॉनिक सेव से कर रहे हैं।

दूसरे हाफ में भी खेल का रुख नहीं बदला। दोनों टीमों के गोलकीपरों ने कई बेहतरीन सेव किए। इंजरी टाइम में सेनेगल का एक गोल फाउल के कारण रद्द कर दिया गया। इसके कुछ ही मिनट बाद असली नाटक शुरू हुआ।

पेनल्टी बॉक्स में सेनेगल के डिफेंडर एल हाजी दियोफ ने ब्राहिम दीआज को धक्का दिया। मोरक्को ने जोरदार पेनल्टी की माँग की। लंबे VAR चेक के बाद रेफरी ने पेनल्टी दे दी। इस फैसले से सेनेगल खेमे में भारी नाराजगी फैल गई। विरोध में सेनेगल के कोच पापे थियाउ ने खिलाड़ियों को मैदान छोड़ने का संकेत तक दे दिया। लगभग 20 मिनट तक खेल रुका रहा। अंत में सादियो माने ने अपने साथियों को समझाकर मैदान में वापस लाया।

लेकिन इस विवादित पेनल्टी से भी मोरक्को गोल नहीं कर सका। पानेंका स्टाइल में लिया गया ब्राहिम दीआज का कमजोर शॉट सेनेगल के गोलकीपर एडुआर्डो मेंडी ने आसानी से रोक लिया। मैच अतिरिक्त समय में चला गया। अंततः 94वें मिनट में इद्रिसा गुइये के पास पर पापा गुइये ने शानदार व्यक्तिगत कौशल दिखाते हुए गोल कर दिया।

इसके बाद हाकिमी और एन नेसिरी समेत मोरक्को के खिलाड़ियों ने बराबरी की भरपूर कोशिश की लेकिन गोल नहीं कर पाए। इस जीत के साथ सेनेगल ने दूसरी बार AFCON खिताब अपने नाम किया। वहीं मोरक्को की पहली बार इस ट्रॉफी को जीतने की प्रतीक्षा और बढ़ गई।

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