मुंबईः देश के इंडस्ट्री सेक्टर का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के बिजनेस कॉन्फिडेंस इंडेक्स (BCI) ने तीसरी तिमाही में 66.5 पॉइंट का स्तर छू लिया है, जो पिछले पांच तिमाहियों में सबसे ज्यादा है।
CII की ताजा सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, डिमांड, प्रॉफिट और इन्वेस्टमेंट की स्थिति को लेकर इंडस्ट्री का सकारात्मक रवैया इस भरोसे के पीछे मुख्य वजह है। रिपोर्ट यह भी दर्शाती है कि अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद घरेलू मार्केट अभी भी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ी उम्मीद बना हुआ है।
सर्वे में सामने आया कि घरेलू डिमांड देश में ग्रोथ का सबसे बड़ा स्तंभ है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की दूसरी तिमाही में लगभग 66 प्रतिशत कंपनियों ने बताया कि उनकी डिमांड पहले की तुलना में बढ़ी है। तीसरी तिमाही के लिए 72 प्रतिशत कंपनियों को उम्मीद है कि डिमांड और बढ़ेगी।
विशेष रूप से GST रेट में कमी, त्योहारों के मौसम में उपभोक्ताओं के बढ़े हुए खर्च और शहरी व ग्रामीण इलाकों में लगातार बढ़ती डिमांड ने इस उम्मीद को और मजबूत किया है। पिछले साल 22 सितंबर से लागू हुई GST में कमी के बाद भी कंपनियों ने बिक्री में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं। सर्वे में शामिल 56.3 प्रतिशत कंपनियों ने कहा कि अगली कुछ तिमाहियों में उनकी बिक्री 5 से 20 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।
CII ने यह सर्वे दिसंबर 2025 के पहले और तीसरे हफ्ते के बीच किया। इसमें देशभर के 175 से ज्यादा कंपनियों ने हिस्सा लिया, जिनमें छोटी, मीडियम और बड़ी इंडस्ट्रियल कंपनियां शामिल थीं। साथ ही मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर की सरकारी और प्राइवेट कंपनियों ने भी इस सर्वे में भाग लिया।
इस रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि भारतीय इंडस्ट्री न सिर्फ वर्तमान में भरोसा रखती है, बल्कि आने वाले महीनों में आर्थिक गतिविधियों और डिमांड बढ़ने की उम्मीद के साथ सकारात्मक दृष्टिकोण रखती है।