नई दिल्ली: आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 में वरिष्ठ नागरिकों को विशेष राहत देने पर सरकार का ध्यान केंद्रित रहने की संभावना है। सरकार ब्याज आय और स्वास्थ्य व्यय पर अतिरिक्त कटौती पर विचार कर सकती है। डेलॉइट इंडिया के कार्यकारी निदेशक तरुण गर्ग ने कहा कि “स्वास्थ्य व्यय लगातार बढ़ रहा है और वरिष्ठ नागरिकों को दवाओं और इलाज पर अधिक खर्च करना पड़ता है। इसलिए सरकार संभवतः उन्हें कुछ अतिरिक्त राहत देने की दिशा में कदम उठा सकती है।” विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम वरिष्ठ नागरिकों को बढ़ती महंगाई और जीवन यापन की लागत से निपटने में मदद करेगा।
ब्याज आय पर संभावित छूट
वर्तमान में वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैंक जमा और छोटे बचत योजनाओं पर 50,000 रुपये तक की छूट है, जबकि गैर-वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सीमा 10,000 रुपये है।
एएनआई को दिए गए विशेष इंटरव्यू में तरुण गर्ग ने कहा कि इस सीमा में वृद्धि से वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक राहत मिलेगी और उन्हें मुद्रास्फीति के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।
कर्मचारियों के लिए सुधार
बजट में कर्मचारियों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन में भी वृद्धि की संभावना है। गर्ग के अनुसार, यह बढ़ोतरी लगभग 25,000 रुपये या उससे अधिक हो सकती है। इससे कर्मचारियों की कर देनदारी बिना टैक्स स्लैब में बदलाव के कम होगी।
साथ ही, नियोक्ता द्वारा योगदान किए गए प्राविडेंट फंड (PF) को नए टैक्स रेज़ीम में शामिल करने पर विचार किया जा सकता है। गर्ग ने कहा, “इससे कर्मचारियों को अतिरिक्त प्रमाण देने की आवश्यकता नहीं होगी और प्रशासनिक बोझ भी कम होगा। यह पुराने और नए टैक्स रेज़ीम के बीच अंतर को पाटने में मदद करेगा।”
स्लैब दरों और सर्चार्ज में मामूली बदलाव
जहां तक टैक्स स्लैब की बात है, तरुण गर्ग ने कहा कि बड़े बदलाव की संभावना कम है। हालांकि महंगाई को देखते हुए सरकार सर्चार्ज में मामूली कटौती पर विचार कर सकती है। गर्ग ने कहा, “कुछ लोग सुझाव दे रहे हैं कि एक-दो प्रतिशत सर्चार्ज घटाया जाए। इसे देखने के लिए बजट पेश होने तक इंतजार करना होगा।”
डिजिटलीकरण से आसान टैक्स फाइलिंग
डिजिटल उपकरण जैसे एनुअल इंफोर्मेशसन स्टेटमेंट AIS और टैक्स इंफोर्मेशन स्टेटमेंट TIS ने रिटर्न फाइलिंग को आसान बना दिया है। गर्ग ने बताया कि इन प्लेटफॉर्म्स में पहले से ही 50-60 प्रतिशत जानकारी प्री-फिल्ड होती है। लेकिन उन्होंने करदाताओं को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “करदाता यह सुनिश्चित करें कि विवरण सही ढंग से भरे गए हैं। किसी भी त्रुटि या डुप्लीकेशन से एक ही आय पर दो बार टैक्स लग सकता है।”
तरुण गर्ग के अनुसार, बजट 2026 आम करदाताओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए लक्षित राहत और प्रशासनिक सुविधा पर केंद्रित रहेगा। बड़े कर सुधार की बजाय छोटे, असरदार कदम उठाए जा सकते हैं।
अगला बजट एक फरवरी को संसद में पेश किया जाएगा।