नागपुरः उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने कथित धर्मांतरण रैकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शनिवार को नागपुर से इधु इस्लाम को गिरफ्तार किया है। इधु इस्लाम को छांगुर बाबा का करीबी बताया जा रहा है और उस पर धर्मांतरण नेटवर्क के लिए फंडिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट संभालने का आरोप है।
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक यह गिरफ्तारी यूपी ATS, महाराष्ट्र ATS और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में की गई। जांच एजेंसियों का कहना है कि इधु इस्लाम इस नेटवर्क के संचालन में अहम भूमिका निभा रहा था।
इससे पहले 20 जुलाई 2025 को यूपी ATS ने इस मामले में राजेश कुमार उपाध्याय को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी कथित मास्टरमाइंड छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन और उसकी करीबी सहयोगी नीतू उर्फ नसीरिन की गिरफ्तारी के कुछ दिनों बाद हुई थी। जांच एजेंसियों के अनुसार ये दोनों यूपी समेत कई राज्यों में फैले धर्मांतरण नेटवर्क को चला रहे थे।
उत्तर प्रदेश के कानून-व्यवस्था के अतिरिक्त महानिदेशक अमिताभ यश ने बताया कि यह गिरोह करीब 15 वर्षों से सक्रिय था। आरोप है कि यह नेटवर्क लोगों का धर्म बदलवाने के लिए हनी ट्रैप, प्रशासनिक दबाव, नाबालिगों को निशाना बनाना और प्रभावशाली लोगों को शामिल करने जैसे तरीकों का इस्तेमाल करता था।
एडीजी यश के मुताबिक जांच में विदेशी फंडिंग के भी अहम सबूत मिले हैं। धर्मांतरण के लिए अलग-अलग रेट कार्ड तय थे और पैसा करीब 40 बैंक खातों के जरिए भेजा जाता था। अब ATS इन पैसों के स्रोत और इस्तेमाल की गहराई से जांच कर रही है। उन्होंने साफ कहा कि इन पैसों से खरीदी गई किसी भी अवैध संपत्ति को कानून के तहत जब्त और ध्वस्त किया जाएगा।
फिलहाल छांगुर बाबा और नीतू उर्फ नसीरिन से उनके नेटवर्क, पैसों के लेन-देन और संपत्तियों को लेकर पूछताछ जारी है। जिन लोगों के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले हैं, उन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में मोहम्मद अहमद का नाम भी सामने आया है और जांच आगे बढ़ रही है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस केस के वित्तीय पहलुओं की जांच के लिए ATS से FIR की प्रति मांगी है। एजेंसियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।