प्रयागराज: मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर, जो माघ मेले का सबसे प्रमुख स्नान पर्व माना जाता है, रविवार को आस्था का विशाल सैलाब उमड़ पड़ा। दोपहर 12 बजे तक 3.15 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में पवित्र डुबकी लगाई। अधिकारियों के मुताबिक श्रद्धालु आधी रात से ही घने कोहरे के बावजूद घाटों की ओर बढ़ने लगे थे और सुबह तक स्नान का सिलसिला लगातार चलता रहा। श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सुबह हेलीकॉप्टर से संगम क्षेत्र में फूलों की वर्षा कराई गई। इससे पूरे मेला क्षेत्र में उत्सव और भक्ति का माहौल बन गया।
माघ मेला प्रशासन ने बताया कि यह विशाल मेला करीब 800 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है और इसे सात सेक्टरों में बांटा गया है, ताकि व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से संभाली जा सकें। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार मेला क्षेत्र में 25 हजार से अधिक शौचालय बनाए गए हैं और 3,500 से ज्यादा सफाई कर्मी तैनात किए गए हैं ताकि स्वच्छता बनी रहे।
कल्पवास करने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए अलग से तंबू नगर बसाया गया है, जहां ध्यान और योग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। मेला क्षेत्र में आवागमन को आसान बनाने के लिए बाइक टैक्सी और गोल्फ कार्ट जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं।
माघ मेला के पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय ने बताया कि सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए इस साल 42 अस्थायी पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जिनमें एक लाख से अधिक वाहनों को खड़ा करने की क्षमता है।
उन्होंने यह भी बताया कि माघ मेला 2025-26 के लिए कुल 12,100 फीट लंबे स्नान घाट तैयार किए गए हैं, जिनमें श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी जरूरी मूलभूत इंतजाम किए गए हैं। कुल मिलाकर माघ मेले में प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी तैयारियों के बीच श्रद्धालु पूरे श्रद्धा और शांति के साथ संगम स्नान कर रहे हैं।