गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक भयावह और नृशंस हत्या का मामला सामने आया है। मृतक का नाम नवीन उर्फ नंदू (35)। पुलिस सूत्रों के अनुसार, तीन दोस्तों ने मिलकर नवीन की पीट-पीटकर हत्या करने के बाद उसके शव को जला दिया। इस हृदयविदारक घटना में पुलिस ने सागर और पवन नाम के दो अभियुक्तों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि नासिम नाम का तीसरा अभियुक्त अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नंदू पेशे से ऑटो चालक था और उसका दिल्ली के एक तांत्रिक के पास अक्सर आना-जाना था। बीते मंगलवार को वह अपने तीन दोस्तों पवन, सागर और नासिम के साथ उस तांत्रिक के पास गया था। वहां तांत्रिक ने नंदू को जल्दी अमीर बनने के लिए अपने किसी करीबी की बलि देने की सलाह दी। आरोप है कि नंदू ने पलटकर पूछा कि अगर किसी दोस्त की बलि दी जाए तो क्या काम बन जाएगा। तांत्रिक ने इस पर सहमति जताई। यह सुनकर उसके तीनों दोस्तों में डर बैठ गया और उन्हें लगा कि नंदू उन्हीं में से किसी की बलि देने की योजना बना रहा है।
पुलिस के अनुसार, उसी रात चारों दोस्त सागर के घर पर शराब पी रहे थे। इसी दौरान बलि की बात को लेकर उनके बीच जोरदार बहस हुई। तीनों दोस्तों को लगने लगा कि नंदू किसी भी समय उन पर हमला कर सकता है। इसी डर में उन्होंने नंदू की हत्या की साजिश रच डाली। आरोप है कि उन्होंने रसोई गैस सिलेंडर से नंदू के सिर और पीठ पर हमला किया। वार इतने गंभीर थे कि मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद अपराध छिपाने के लिए तीनों अभियुक्तों ने नंदू के शव को कंबल में लपेटकर उसके ही ऑटो में रखा और गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी थाना क्षेत्र के एक सुनसान इलाके में ले गए। वहां ऑटो और शव दोनों पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी गई।
पुलिस ने बुधवार को उस इलाके से एक अधजला शव बरामद किया। जांच में सामने आया कि घटना की रात नंदू अपने उन्हीं तीन दोस्तों के साथ था। इसके बाद पुलिस ने सागर और पवन को गिरफ्तार कर लिया। एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि दोनों अभियुक्तों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है और फरार अभियुक्त नासिम की तलाश जारी है। जांचकर्ताओं के अनुसार, तांत्रिक की बातों पर विश्वास कर अपनी जान बचाने के डर में तीनों दोस्तों ने नंदू की हत्या कर दी।