कोलकाताः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले घुसपैठ का मुद्दा पूरी तरह सियासी बहस के केंद्र में आ गया है। पिछले महीने राज्य के दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया था कि इस बार बंगाल का चुनाव घुसपैठ के सवाल पर लड़ा जाएगा। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसी मुद्दे को लेकर बड़ा बयान दिया है।
शनिवार को मालदा के मदईपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर BJP यह चुनाव जीतती है और बंगाल में सत्ता में आती है, तो घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह कार्रवाई किस रूप में होगी।
BJP लंबे समय से दावा करती रही है कि पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट घुसपैठियों के नामों से भरी हुई है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि अवैध रूप से राज्य में रह रहे लोगों को वोटर बनाकर तृणमूल कांग्रेस चुनावी फायदा उठा रही है।
इसी को BJP ने इस बार विधानसभा चुनाव में अपना सबसे बड़ा राजनीतिक हथियार बनाया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा कि बंगाल के सामने इस समय सबसे बड़ा खतरा घुसपैठ है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल सरकार के रहते इस समस्या का समाधान संभव नहीं है, क्योंकि सत्ताधारी दल वर्षों से घुसपैठियों को संरक्षण दे रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “पश्चिम बंगाल से घुसपैठियों को बाहर निकालना बेहद जरूरी है। लेकिन तृणमूल की सरकार रहते हुए यह मुमकिन नहीं है। तृणमूल के नेता कई सालों से घुसपैठियों को वोटर बनाने का खेल खेल रहे हैं।”
उन्होंने राज्य की सत्ताधारी पार्टी और घुसपैठियों के बीच कथित मिलीभगत को तोड़ने की अपील करते हुए बंगाल के लोगों को भरोसा दिलाया कि BJP की सरकार बनने पर घुसपैठ और घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
बंगाल BJP का लंबे समय से कहना है कि घुसपैठ की समस्या से निपटने का एकमात्र रास्ता वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) है। फिलहाल राज्य की राजनीति इसी मुद्दे के इर्द-गिर्द घूम रही है।
हालांकि प्रधानमंत्री ने घुसपैठ पर कड़ा रुख दिखाया, लेकिन अपने पूरे भाषण में उन्होंने एक बार भी SIR का सीधा जिक्र नहीं किया।
इसी दिन तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने मालदा से सटे मुर्शिदाबाद जिले के बरहमपुर में एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग और BJP पर तीखा हमला बोला।
अभिषेक बनर्जी ने कहा, “SIR के नाम पर लोगों को लगातार टॉर्चर किया जा रहा है। यह इलेक्शन कमीशन नहीं, टॉर्चर कमीशन बन गया है।”
अभिषेक ने आरोप लगाया कि SIR की वजह से आम नागरिकों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुर्शिदाबाद के लोगों के पास 100 से 150 साल पुरानी संपत्तियां हैं, लेकिन अब उन्हें लाइन में खड़ा होकर अमित शाह को नागरिकता का सबूत दिखाना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले दो महीनों में SIR प्रक्रिया से जुड़ी परेशानियों के चलते 84 लोगों की मौत हो चुकी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि घुसपैठ के खिलाफ सख्त रुख कोई नई बात नहीं है। उनका कहना था कि दुनिया के कई अमीर और विकसित देश भी अवैध घुसपैठियों को बाहर निकाल रहे हैं और इस मुद्दे पर कड़े कदम उठा रहे हैं।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, घुसपैठिए गरीबों का पैसा लूट रहे हैं, युवाओं से नौकरियां छीन रहे हैं, महिलाओं पर अत्याचार कर रहे हैं और देश में आतंकवाद फैला रहे हैं।
मोदी ने दावा किया कि घुसपैठ की वजह से पश्चिम बंगाल के कई इलाकों की जनसांख्यिकी बदल गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मालदा और मुर्शिदाबाद समेत राज्य के कई हिस्सों में घुसपैठियों की संख्या बढ़ने के कारण दंगे जैसी घटनाएं हो रही हैं।
प्रधानमंत्री के इन आरोपों को तृणमूल कांग्रेस ने सिरे से खारिज कर दिया। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्य मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा, “पश्चिम बंगाल में कोई रोहिंग्या नहीं है। यहां कोई बांग्लादेशी घुसपैठिया भी नहीं है।”
इस तरह घुसपैठ का मुद्दा बंगाल विधानसभा चुनाव में BJP और तृणमूल के बीच सीधी सियासी लड़ाई का बड़ा हथियार बनता जा रहा है, जहां एक ओर BJP इसे सुरक्षा और पहचान से जोड़ रही है, वहीं तृणमूल इसे आम लोगों को डराने और परेशान करने की राजनीति बता रही है।