आगामी टी-20 विश्व कप के मैच खेलने के लिए बांग्लादेश के भारत आने को लेकर जटिलताएँ धीरे-धीरे बढ़ रही हैं। वे अपनी जिद पर अड़ गए हैं। इसलिए उन्होंने ICC से समूह परिवर्तन का अनुरोध किया है। इसी बीच शनिवार को अंडर-19 ODI विश्व कप के मैच में नया विवाद खड़ा हो गया। टॉस के बाद भारत के कप्तान आयुष मात्र के साथ हाथ मिलाने का मौका बांग्लादेश के कप्तान जावाद अब्रार ने नहीं लिया। सवाल यह उठ रहा था कि क्या ये काम बांग्लादेश की तरफ से जानबूझकर किया गया था। अंततः इस मामले पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने बयान दिया। बोर्ड का दावा है कि जावाद ने अस्थायी रूप से हाथ मिलाने की बात भूल गए थे।
इस पर BCB ने एक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि ज़ावाद आबरार ने जानबूझकर यह काम नहीं किया। सिर्फ इतना ही नहीं, विपक्षी क्रिकेटरों का अपमान करने या उन्हें ठेस पहुंचाने का कोई इरादा भी नहीं था, यह भी BCB ने स्पष्ट किया। टॉस के बाद हाथ मिलाकर शिष्टाचार का आदान-प्रदान करना होता है, और ज़ावाद ने अस्थायी रूप से इसे भूल गया, ऐसा बोर्ड का दावा है।
बीमारी के कारण इस मैच में खेलने में असमर्थ रहे थे बांग्लादेश के कप्तान मोहम्मद अजिज़ुल हाकिम तामीम। इसलिए टॉस के लिए ज़ावाद आए लेकिन टॉस के बाद वे आयुष के पास से होकर चले गए। किसी ने भी हाथ नहीं मिलाया।
इस बारे में BCB ने कहा, 'विपक्ष के कप्तान के साथ हाथ मिलाने से परहेज पूरी तरह से अनजाने में हुआ। उस पल में यह भूल जाने के कारण ऐसा हुआ। इसका मकसद विपक्ष के प्रति कोई असम्मान या तिरस्कार दिखाना बिल्कुल नहीं था। विपक्षी टीम के खिलाड़ियों के साथ आपसी सम्मान बनाए रखना और खेल भावना को जारी रखना हमेशा से ही बांग्लादेश के लिए महत्वपूर्ण रहा है। इसलिए इस मामले को पूरी गंभीरता से देखा गया है। टीम प्रबंधन की तरफ से क्रिकेटरों को इस जिम्मेदारी की याद भी दिलाई गई है।' हालांकि, क्रिकेट प्रेमियों का एक हिस्सा BCB की इस व्याख्या को सिर्फ सफाई के रूप में देख रहा है।