इंदौर : भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला 18 जनवरी को इंदौर में खेला जाना है। इस अहम मैच के लिए भारतीय क्रिकेट टीम पहले ही इंदौर पहुंचकर तैयारियों में जुट गई है। सीरीज निर्णायक मुकाबले से पहले पूरी टीम खुद को और मजबूत व आत्मविश्वास से भरपूर बना रही है।
इधर इंदौर आकर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन न करना लगभग असंभव माना जाता है। इस बार यही परंपरा टीम इंडिया के खिलाड़ियों में भी देखने को मिली है। कोच गौतम गंभीर के बाद टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली भी महाकाल मंदिर पहुंचे और भक्ति में लीन दिखे। कोहली के साथ टीम के स्टार स्पिनर कुलदीप यादव भी इस विशेष दर्शन में शामिल हुए।
भस्म आरती में कोहली-कुलदीप
तीसरे वनडे मैच से एक दिन पहले शनिवार (17 जनवरी) को विराट कोहली और कुलदीप यादव विश्वप्रसिद्ध महाकाल मंदिर पहुंचे। वहां दोनों ने बाबा महाकाल के दरबार में दर्शन कर आशीर्वाद लिया। महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचे ये दोनों दिग्गज क्रिकेटर सुबह 4 बजे होने वाली भस्म आरती में भी शामिल हुए। जानकारी के अनुसार इस दौरान कोहली और कुलदीप लगभग दो घंटे तक मंदिर में मौजूद रहे और नंदी हॉल में बैठकर बाबा महाकाल की भस्म आरती देखी। आरती के समय दोनों शिव जप भी करते नजर आए।
स्वाभाविक रूप से विराट कोहली जैसे सुपरस्टार के मंदिर आने पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और उन्हें देखने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। इसके बावजूद कोहली और कुलदीप ने पूरे समय श्रद्धा और भक्ति के साथ दर्शन किए। जाने से पहले महाकालेश्वर मंदिर समिति की ओर से उन्हें बाबा का प्रसाद और तस्वीर भेंट की गई। दोनों ने गर्भगृह के द्वार से बाबा महाकाल के दर्शन कर जल अर्पित किया। इससे पहले शुक्रवार को टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर और विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल राहुल भी मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे थे।
क्या इंदौर में बदलेगा कोहली का भाग्य?
अब कोहली समेत पूरी टीम इंडिया को उम्मीद है कि 18 जनवरी को जब वे होलकर स्टेडियम में न्यूजीलैंड का सामना करेंगे, तब बाबा महाकाल का आशीर्वाद उनके साथ होगा और वे कीवी टीम को हराकर सीरीज अपने नाम करेंगे। कोहली के लिए यह मुकाबला बेहद अहम है क्योंकि यह वह मैदान है जहां वनडे क्रिकेट में उनका बल्ला अब तक पूरी तरह शांत रहा है। दुनिया के कई मैदानों पर शतकों की बरसात करने वाले कोहली ने होलकर स्टेडियम में 4 पारियों में सिर्फ 99 रन बनाए हैं। शतक तो दूर वे इस मैदान पर अब तक अर्धशतक भी नहीं लगा सके हैं। ऐसे में इस बार कोहली को उम्मीद है कि वे इस मैदान पर अपने रिकॉर्ड में सुधार करेंगे।