नयी दिल्लीः शुक्रवार देर रात ईरान से भारतीय नागरिकों को लेकर पहली फ्लाइट भारत पहुंची। महान एयर की फ्लाइट W5-071 विरोध प्रदर्शनों के बाद पहली बार दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरी, भारतीयों के पहले बैच को सुरक्षित वापस लेकर आई।
जैसे ही यात्री एयरपोर्ट पर पहुंचे, वहां पहले से मौजूद उनके रिश्तेदारों का इंतजार खत्म हुआ। अपनों को देखते ही कई लोग भावुक हो गए और गले लगकर रो पड़े। इस फ्लाइट से लौटने वालों में ज्यादातर छात्र थे, जिनके चेहरों पर राहत साफ दिखाई दे रही थी।
गौरतलब है कि ईरान में 28 दिसंबर से महंगाई और आर्थिक संकट के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे सरकार विरोधी आंदोलन में बदल गए। कई इलाकों में सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया, आगजनी हुई और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। कुछ रिपोर्ट्स में गोलीबारी के आरोप भी सामने आए हैं।
बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की और उन्हें जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी। इसके बाद भारतीय दूतावास ने राहत और निकासी प्रक्रिया तेज की।
भारत लौटे यात्रियों ने केंद्र सरकार और भारतीय दूतावास की भूमिका की सराहना की। एक यात्री ने कहा, “ईरान में हालात बहुत खराब थे, लेकिन केंद्र सरकार और दूतावास लगातार संपर्क में थे और हर संभव मदद कर रहे थे।”
इस फ्लाइट से जम्मू-कश्मीर के करीब 60 छात्र भी तेहरान से लौटे हैं। छात्रों का कहना है कि आंदोलन लगातार हिंसक होता जा रहा था और बाहर निकलना सुरक्षित नहीं था। कई यात्रियों ने बताया कि इंटरनेट बंद होने की वजह से वे अपने परिवार से संपर्क नहीं कर पा रहे थे।
डिप्लोमैटिक विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान में हालात और बिगड़ सकते हैं। विरोध प्रदर्शन देश के लगभग सभी 31 प्रांतों में फैल चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक हजारों प्रदर्शनकारियों की मौत की खबरें सामने आई हैं।
फिलहाल ईरान में 10,000 से अधिक भारतीय नागरिक मौजूद हैं, जिनमें अधिकांश छात्र हैं। केंद्र सरकार ने सभी भारतीयों को चरणबद्ध तरीके से सुरक्षित स्वदेश लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।