🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

कनाडा-चीन संबंधों में नया दौर? प्रधानमंत्री कार्नी की चीन यात्रा से मिल रहे हैं बदलाव के संकेत

कनाडा का 75 प्रतिशत से अधिक निर्यात अमेरिका को जाता है। इस निर्भरता को कम करने के लिए प्रधानमंत्री कार्नी ने अगले 10 वर्षों में अमेरिका के बाहर कनाडा के निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।

By डॉ. अभिज्ञात

Jan 15, 2026 19:42 IST

बीजिंगः करीब 8 वर्षों में पहली बार किसी कनाडाई प्रधानमंत्री के चीन दौरे के साथ ही दोनों देशों ने अपने रिश्तों में सुधार के एक नए दौर की शुरुआत के संकेत दिए हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने गुरुवार को कनाडा की विदेश मंत्री अनिता आनंद से मुलाकात के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की इस सप्ताह की चीन यात्रा दोनों देशों के संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जिससे रिश्तों में नए अवसर खुलने की उम्मीद है।

चीन के बयान के अनुसार अनिता आनंद ने वांग यी से कहा कि प्रधानमंत्री कार्नी कनाडा–चीन संबंधों के विकास की दिशा तय करना चाहते हैं और विभिन्न क्षेत्रों में संवाद को दोबारा शुरू करने के इच्छुक हैं। प्रधानमंत्री कार्नी ने 10 महीने पहले पद संभाला था। वह चीन के साथ उन रिश्तों को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं, जो पिछले कई वर्षों से तनावपूर्ण रहे हैं। इन तनावों की वजहों में वर्ष 2018 में कनाडा द्वारा एक वरिष्ठ चीनी प्रौद्योगिकी अधिकारी की गिरफ्तारी और चीन में बनी इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर कनाडा द्वारा लगाए गए शुल्क जैसे मुद्दे शामिल रहे हैं।

प्रधानमंत्री कार्नी ने गुरुवार को चीन के प्रधानमंत्री ली छ्यांग से बातचीत की, जबकि शुक्रवार को उनकी मुलाकात चीन के शीर्ष नेता शी चिनफिंग से होने वाली है।

कार्नी की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को होने वाले निर्यात पर ऊँचे शुल्क लगाए हैं। कनाडा का 75 प्रतिशत से अधिक निर्यात अमेरिका को जाता है। इसी निर्भरता को कम करने के लिए प्रधानमंत्री कार्नी ने अगले 10 वर्षों में अमेरिका के बाहर कनाडा के निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।

बीजिंग पहुँचने के बाद बुधवार रात प्रधानमंत्री कार्नी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कनाडा एक नई साझेदारी बनाने के लिए तैयार है, जो अतीत के अच्छे अनुभवों पर आधारित हो और आज की चुनौतियों का समाधान कर सके।

प्रधानमंत्री कार्नी के पूर्ववर्ती, पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में कनाडा ने चीन से आने वाली इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर 100 प्रतिशत और स्टील तथा एल्युमिनियम पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाया था।

इसके जवाब में चीन ने कनाडा के कैनोला तेल और खली पर 100 प्रतिशत, जबकि पोर्क और समुद्री उत्पादों पर 25 प्रतिशत शुल्क लगा दिया। पिछले वर्ष अगस्त में चीन ने कैनोला बीजों पर 75.8 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी लगाया। उद्योग संगठनों के अनुसार, इन सभी शुल्कों के कारण चीन का बाज़ार कनाडाई कैनोला निर्यात के लिए लगभग बंद हो गया। चीन को उम्मीद है कि ट्रंप द्वारा लगाए गए शुल्क और अन्य दबावों के चलते कनाडा और अमेरिका के अन्य सहयोगी देश अमेरिका से अधिक स्वतंत्र विदेश नीति अपनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

बीजिंग अक्सर आरोप लगाता रहा है कि अमेरिका, खासकर पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल में, अपने सहयोगियों को चीन के खिलाफ एकजुट करता रहा। कनाडा ने 2018 के अंत में अमेरिका के अनुरोध पर मेंग वानझोउ को हिरासत में लिया था। अमेरिका चाहता था कि उन्हें प्रत्यर्पित कर आरोपों का सामना कराया जाए। इसके जवाब में चीन ने जासूसी के आरोप में 2 कनाडाई नागरिकों को हिरासत में ले लिया। इस घटनाक्रम के कारण दोनों देशों के संबंधों पर 2 वर्षों से अधिक समय तक गहरा असर पड़ा।

यह यात्रा अब इस बात की कसौटी मानी जा रही है कि क्या कनाडा और चीन अपने पुराने मतभेदों को पीछे छोड़कर वास्तव में बेहतर रिश्तों के नए युग की शुरुआत कर पाते हैं या नहीं।

Prev Article
कराची में हिंदू मंदिर से सोना और आभूषण चोरी, अभियुक्त गिरफ्तार

Articles you may like: