ओटावाः कनाडा में भारत के उच्चायुक्त दिनेश के. पटनायक ने सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर नई दिल्ली पर लगाए गए कनाडा के पुराने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह मामला चार व्यक्तियों के खिलाफ है, न कि भारत सरकार के खिलाफ। भारत सरकार इस तरह की कार्रवाइयां नहीं करती।
मंगलवार को सीबीसी न्यूज़ को दिए एक साक्षात्कार में पटनायक ने कहा कि यदि कनाडा सबूत देता है तो भारत कार्रवाई करेगा। हमें जो चाहिए, वह यह है कि आप हमें सबूत दें, ताकि हम कार्रवाई कर सकें। पटनायक ने दोहराया कि कनाडा अब तक केवल जानकारी देता रहा है, सबूत नहीं। उन्होंने ऐसे कई मामलों का हवाला दिया जिनमें भारत द्वारा पहले दी गई जानकारी पर कार्रवाई नहीं की गई, लेकिन बाद में वह सही साबित हुई।
सितंबर 2025 में पदभार संभालने वाले पटनायक की ये टिप्पणियां उस समय आई हैं जब ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी भारत की व्यापारिक यात्रा पर हैं। मौजूदा समय में नई दिल्ली और ओटावा के संबंधों में सुधार हो रहा है।
भारत और कनाडा के संबंध सितंबर 2023 में तब तनावपूर्ण हो गए थे जब तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने जून 18, 2023 को सरे शहर में एक गुरुद्वारे के बाहर निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की “संभावित” संलिप्तता का आरोप लगाया था।
भारत ने 2020 में निज्जर को आतंकवादी घोषित किया और इन आरोपों को “बेतुका” और “प्रेरित” बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया था। हाल के महीनों में दोनों देशों ने अपने संबंधों को सामान्य बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए कई तंत्रों को पुनर्जीवित करने पर भी सहमति जताई है।
पटनायक से पूछा गया कि ट्रूडो के आरोपों के बाद बने एक साल से अधिक के “अंतर” को दोनों देश कैसे पाट सकते हैं। इस पर पटनायक ने कहा, “सबूत कहां हैं? हर बार आप विश्वसनीय जानकारी की बात करते रहते हैं, जो ठीक है। हमने हमेशा कहा है कि यह पूरी तरह बेतुका और हास्यास्पद है। यह ऐसा कुछ नहीं है जो हम करते हैं। ये आरोप… किसी भी सबूत से समर्थित नहीं हैं। आरोप लगाना हमेशा… आसान होता है।”
पटनायक ने यह भी कहा कि जून 1985 के एयर इंडिया बम धमाके की जांच में अब तक कुछ भी सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा, “जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं हुआ है। हम पिछले 40 वर्षों से कनाडा में आतंकवाद की बात कर रहे हैं। किसी ने इसके बारे में क्या किया? एक भी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया गया है।”