शनिवार को जलपाईगुड़ी में कलकत्ता हाई कोर्ट के सर्किट बेंच के स्थायी भवन के उद्घाटन समारोह को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संबोधित किया। मंच से ही उन्होंने ED, सीबीआई आदि का नाम लिए बगैर 'एजेंसी' द्वारा परेशान करने के मुद्दे पर तीखा हमला बोला। गौर करने वाली बात यह रही कि इस दौरान उनके ठीक सामने बैठे हुए थे सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत।
स्पष्ट शब्दों में ममता बनर्जी ने कहा, "कुछ एजेंसियां योजनाबद्ध तरीके से मानहानि की कोशिश कर रही है।" इसके साथ ही उन्होंने संविधान और गणतंत्र को विनाश के हाथों से बचाने की गुहार भी लगायी। कोयला तस्करी में तलाशी के दौरान गत 8 जनवरी को IPAC के ऑफिस और प्रमुख के घर पर ED ने तलाशी अभियान चलाया। लेकिन केंद्रीय जांच एजेंसी ने अदालत में बताया कि उस दिन कुछ भी जब्त नहीं किया गया था। इसे लेकर राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ रहा है।
हालांकि शनिवार को ममता बनर्जी ने ED की छापेमारी को लेकर एक शब्द भी नहीं कहा। उन्होंने कहा, "कुछ एजेंसियां हैं, जो जानबुझकर मानहानि की कोशिश कर रही है। कृपया लोगों की रक्षा करें। मैं अपने लिए नहीं बोल रही हूं। मैं गणतंत्र बचाने और विचारव्यवस्था को बचाने के लिए बोल रही हूं।"
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर फंड बंद कर देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, 'राज्य में 88 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाया हमने। इसमें से 52 महिलाओं के लिए, 7 पॉस्को कोर्ट, 8 लेबर कोर्ट, 19 ह्यूमैन राइट्स कोर्ट भी है।' इस दौरान मंच पर केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री बनर्जी ने बात करते-करते उनकी तरफ ही देखकर कहा, 'बुरा मत मानिएगा, केंद्र ने फंड देना बंद कर दिया है। हमने ही 1 हजार 200 करोड़ रुपया खर्च करके सब कुछ किया है।' इसके बाद ही उन्होंने संविधान रक्षा करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां मुख्य न्यायाधीश आए हुए हैं। आप सभी हैं। गणतंत्र, संविधान को संकट से रक्षा करें। सुरक्षा करनी होगी। हमारे इतिहास, बॉर्डर को बचाना होगा।
बता दें, 40.08 एकड़ जमीन पर जलपाईगुड़ी के नए सर्किट बेंच भवन का निर्माण किया गया है। इसमें हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का बंगला भी बना हुआ है। इसके अलावा 18 आवासीय बंगले भी बनाए गए हैं। 400 आवासों के लिए 1 ऑडिटोरियम और 1 स्विमिंग पूल भी बनाया गया है।