लखनऊ : उत्तर प्रदेश के जौनपुर में एक फिजियोथेरेपिस्ट मोहम्मद शमीर की मौत हो गई, जब उनका गला चाइनीज मंझा से कट गया। यह मंझा कांच की कोटिंग वाला प्रतिबंधित सिंथेटिक धागा है, जो पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल होता है। घटना बुधवार को फिजियोथेरेपिस्ट जब अपने मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे तब ये घटना घटी।
घटना पचठिया गांव के प्रसाद इंटरनेशनल स्कूल के पास हुई। पुलिस ने मृतक की पहचान मोहम्मद शमीर के रूप में की। वे केराकत कोतवाली क्षेत्र के निवासी और प्राइवेट प्रैक्टिस में फिजियोथेरेपिस्ट थे।
पुलिस के अनुसार बुधवार सुबह शमीर जौनपुर जिले के मुख्यालय अपने डॉक्टर से मिलने गए थे। जैसे ही वह स्कूल के पास सड़क पर मोटरसाइकिल चलाते हुए आगे बढ़े, उनका गला चाइनीज मंझा में फंस गया और गंभीर चोट लग गई।
सिटी ट्रैफिक इंस्पेक्टर सुशील मिश्रा ने तुरंत एंबुलेंस भेजी और उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
सिटी सर्किल ऑफिसर गोल्डी गुप्ता ने बताया कि पुलिस चाइनीज मंझा पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का प्रयास कर रही है, लेकिन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इसकी बिक्री बड़ी चुनौती बनी हुई है।
पुलिस ने कहा कि मामले की आगे जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हर साल चाइनीज मंझा के कारण कई लोग और पक्षी घायल या मारे जाते हैं। खासकर मकर संक्रांति जैसे त्योहारों के समय पतंगबाजी के दौरान यह खतरा बढ़ जाता है।
हालांकि चाइनीज मंझा पर पहले ही प्रतिबंध है और कई अदालतों ने इसका कड़ाई से पालन कराने के आदेश दिए हैं, इसके बावजूद चाइनीज मंझा का उपयोग जारी है।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय इंदौर बेंच ने हाल ही में कहा कि यदि कोई नाबालिग प्रतिबंधित मंझा से पतंग उड़ाता है, तो उसके अभिभावक कानूनी तौर पर जिम्मेदार ठहराए जा सकते हैं।