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पीएम मोदी ने असम में काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर की रखी नींव

परियोजना से बढ़ेगी सड़क कनेक्टिविटी, सुरक्षित होगा वन्यजीवन और कम होगा यात्रा समय।

By रजनीश प्रसाद

Jan 18, 2026 19:47 IST

नगांवः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को असम के नगांव जिले के कालियाबोर में काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना की आधारशिला रखी। यह महत्वाकांक्षी परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-715 के कालियाबोर से नुमालीगढ़ तक के हिस्से को चौड़ा करने के लिए बनाई जा रही है। इस पर 6,950 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी। इसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया-एक गुवाहाटी (कामाख्या) से रोहतक और दूसरी डिब्रूगढ़ से लखनऊ (गोमती नगर) के लिए।

करीब 86 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर पर्यावरण को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इसमें 35 किलोमीटर का एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर शामिल है, जो काजीरंगा नेशनल पार्क से होकर गुजरेगा। इसके अलावा 21 किलोमीटर बाइपास का निर्माण होगा और मौजूदा एनएच-715 के 30 किलोमीटर हिस्से को दो लेन से चार लेन में बदला जाएगा।

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य न केवल सड़क संपर्क को बेहतर बनाना है, बल्कि काजीरंगा की समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीवन की सुरक्षा भी सुनिश्चित करना है। एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से जानवरों की प्राकृतिक आवाजाही बाधित नहीं होगी और मानव–वन्यजीव टकराव की घटनाएं कम होंगी।

यह कॉरिडोर नगांव, कार्बी आंगलोंग और गोलाघाट जिलों से होकर गुजरेगा, जिससे ऊपरी असम, खासकर डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया, की सड़क कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा। इससे यात्रा का समय घटेगा, सड़क सुरक्षा बेहतर होगी और यात्रियों के साथ-साथ मालवाहन को भी सुविधा मिलेगी।

परियोजना के तहत जखलबांधा और बोकाखाट में बाइपास बनाए जाएंगे, जिससे शहरों के भीतर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने परियोजना के मॉडल का भी निरीक्षण किया।

इस मौके पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वागत में उमड़ी भीड़ जनता के उत्साह और भरोसे को दर्शाती है। वहीं भाजपा सांसद कामाख्या प्रसाद तासा ने कहा कि यह दौरा चुनावी नहीं, बल्कि विकास से जुड़ा हुआ है और इससे पूरे देश को एक सकारात्मक संदेश मिलेगा।

कुल मिलाकर, काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना असम के विकास, सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण-तीनों को एक साथ आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

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