राष्ट्रपति भवन, सुप्रीम कोर्ट के बाद अब कलकत्ता हाई कोर्ट परिसर में भी मिट्टी कैफे ने अपना काउंटर खोला है। देश के विभिन्न शहरों में इस कैफे चेन के आउटलेट खुल चुके हैं। लेकिन क्या खासियत है इस कैफे चेन की, जो इसे सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और राष्ट्रपति भवन परिसर जैसी जगहों पर अपना आउटलेट खोलने का मौका मिला है?
रविवार को कलकत्ता हाई कोर्ट के 'ई' गेट के अंदर इस कैफे का उद्घाटन देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने किया। इस मौके पर सुप्रीम कोर्ट व कलकत्ता हाई कोर्ट के अन्य न्यायाधीश भी मौजूद रहे। दरअसल, मिट्टी कैफे का संचालन पूरी तरह से दिव्यांग लोगों द्वारा किया जाता है, जिन्हें विभिन्न प्रकार के कार्यों के लिए खासतौर पर प्रशिक्षित किया गया है। दिव्यांग लोग भी आम लोगों की तरह ही सभी काम सामान्य रूप से कर सकें, इसी सोच के साथ इस कैफे की शुरुआत की गयी थी।
सबसे पहले मिट्टी कैफे की शुरुआत बेंगलुरु में की गयी थी। अब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कई महत्वपूर्ण जगहों जैसे एयरपोर्ट, आईटी कंपनी के परिसर समेत कुल 40 जगहों पर मिट्टी कैफे के आउटलेट खुल चुके हैं। कोलकाता में हाई कोर्ट परिसर के अलावा एनएसएचएम परिसर में भी मिट्टी कैफे का आउटलेट मौजूद है। शनिवार को जलपाईगुड़ी में सर्किट बेंच के स्थायी भवन का उद्घाटन होने के बाद रविवार की दोपहर को मुख्य न्यायाधीश समेत अन्य न्यायाधीश भी कोलकाता पहुंचे।
इसके बाद CJI ने देश का पहला हाई कोर्ट (कलकत्ता) को घूमकर देखा। वकीलों के कई संगठनों से बातचीत भी की। शाम को वह दिल्ली वापस लौट गए।