राज्य में निपा संक्रमण (Nipah Virus) का मामला सामने आने के बाद से ही हड़कंप मच गया था। उत्तर 24 परगना जिले के बारासात के एक निजी अस्पताल में कार्यरत दो नर्स (एक सिस्टर और एक ब्रदर) निपा वायरस से संक्रमित होने के बाद से इसी अस्पताल में इलाजरत है। इनके संपर्क में आए लगभग 171 लोगों के नमूनों की जांच की गयी थी।
हाई रिस्क के दायरे में आने वाले करीब 13 लोगों को घर पर ही 21 दिनों के लिए क्वारंटाइन में रहने की सलाह दी गयी थी। अब कैसी है दोनों नर्सों की हालत? संपर्क में आने वाले लोगों का क्या आया रिपोर्ट? क्या फिर से निपा वायरस से कोई हुआ संक्रमित?
निपा वायरस संक्रमित किसी व्यक्ति के संपर्क में आने वाले लोगों में कौन आता है हाई और लो रिस्क के दायरे में? जानने के लिए क्लिक करें :-
निपा वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जारी की गाइडलाइन, कैसी है दोनों नर्स की हालत?
कैसी है दोनों नर्स की हालत?
अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार निपा वायरस से संक्रमित दोनों नर्स की हालत पहले के मुकाबले थोड़ी बेहतर बतायी जाती है। हालांकि दोनों को अभी भी संकटमुक्त करार नहीं दिया जा रहा है। बताया जाता है कि ब्रदर नर्स, जिसकी उम्र लगभग 25 साल है, वह लोगों का सहारा लेकर चल-फिर पा रहा है। लेकिन सिस्टर नर्स अभी भी वेंटिलेशन पर ही है।
हालांकि उसकी हालत अब स्थिर बतायी जा रही है। वह धीरे-धीरे अपना हाथ-पैर हिला पा रही है और पलकें झपकाने की कोशिश भी कर रही है।
लेकिन दोनों में संक्रमण कहां से आया? इस सवाल का जवाब अभी भी ढूंढा जा रहा है। जानकारी के अनुसार शनिवार को केंद्र सरकार के विशेषज्ञों की एक टीम ने उत्तर 24 परगना जिले के अलग-अलग इलाकों से खजूर के रस का नमूना इकट्ठा किया।
संपर्क में आने वाले लोगों का क्या आया रिपोर्ट?
सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि दोनों नर्स संपर्क में आने वाले 13 लोग, जो हाई रिस्क के दायरे में आए थे, उन्हें 21 दिनों की क्वारंटाइन पर भेजा गया है। हालांकि उनके शरीर में निपा संक्रमण का कोई लक्षण दिखाई नहीं दे रहा है। जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर दिन 2 बार फोन पर उन सबकी स्थिति के बारे में पता किया जा रहा है।
शनिवार को बर्धमान मेडिकल कॉलेज से 4 अन्य लोगों का नमूना निपा संक्रमण की जांच के लिए कल्याणी एम्स में भेजा गया था। उन सभी का रिपोर्ट भी नेगेटिव आया है। निपा वायरस से किसी नए व्यक्ति के संक्रमित न होने की वजह से स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। हालांकि चेतावनी अभी भी जारी है।