जमैका के सुपरस्प्रिंटर उसैन बोल्ट ने 2017 में एथलेटिक्स से संन्यास लेने के बाद फुटबॉल की दुनिया में कदम रखा था। मैनचेस्टर यूनाइटेड के लिए चैरिटी मैच खेला और जर्मनी के क्लब बोरुसिया डॉर्टमुंड के साथ प्री-सीजन तैयारी भी की, लेकिन वहां वह खास प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। अब बोल्ट ने क्रिकेट में वापसी का संकेत दिया है और 2028 ओलंपिक में जमैका की क्रिकेट टीम के लिए खेल सकते हैं।
बोल्ट ने कहा है कि अगर उन्हें ओलंपिक में खेलने का मौका मिलता है, तो वह इसे स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने माना कि पेशेवर स्प्रिंटिंग से वे पहले ही संन्यास ले चुके हैं और इस फैसले पर उन्हें कोई पछतावा नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने लंबे समय से क्रिकेट नहीं खेला है, लेकिन बुलाए जाने पर मैदान में उतरेंगे।
बोल्ट का क्रिकेट प्रेम नया नहीं है। बचपन में उनका सपना फास्ट बॉलर बनना था, लेकिन कोच की सलाह पर उन्होंने ट्रैक एंड फील्ड को चुना। अब जब क्रिकेट ओलंपिक में 128 साल बाद लौट रहा है, तो वह अपने बचपन के इस सपने को पूरा करने का अवसर नहीं छोड़ना चाहते।
एथलेटिक्स में बोल्ट का रिकॉर्ड कमाल का रहा है। उन्होंने जमैका की ओर से 8 ओलंपिक स्वर्ण पदक जीते और 100 मीटर, 200 मीटर और 4×100 मीटर रिले में विश्व रिकॉर्ड बनाए। लेकिन अब उनका ध्यान स्प्रिंटिंग के बजाय 22 गज की पिच पर होगा, जहां वह हार्दिक पांड्या और अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ियों के खिलाफ खेल सकते हैं।
कुल मिलाकर, फुटबॉल में विफल रहने के बाद बोल्ट का क्रिकेट में कदम रखना उनके बचपन के सपने और ओलंपिक की नई भूमिका का संयोजन हो सकता है। 2028 ओलंपिक में उन्हें किस रूप में खेलते देखा जाएगा, यह तो वक्त ही बताएगा।