गुवाहाटी : असम सरकार के खेल एवं युवा कल्याण निदेशालय (DSYW) और इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट (IIS) की साझेदारी से गुवाहाटी में एक हाई-परफॉर्मेंस सैटेलाइट स्पोर्ट्स सेंटर स्थापित किया जाएगा। यह पहल असम और पूरे पूर्वोत्तर भारत में एक सशक्त, संरचित और उच्चस्तरीय खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। इस परियोजना का उद्देश्य भारत की ओलंपिक तैयारियों को मजबूती देना भी है।
यह केंद्र सात प्राथमिक खेलों एथलेटिक्स, तीरंदाजी, ताइक्वांडो, टेबल टेनिस, लॉन टेनिस, शतरंज और तैराकी में उच्च प्रदर्शन कार्यक्रमों का केंद्र बनेगा। यहां प्रतिभा की पहचान, कोचों के विकास और दीर्घकालिक प्रशिक्षण प्रणाली पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का स्पष्ट मार्ग मिल सके।
शुरुआती चरण में एथलेटिक्स, तीरंदाजी और ताइक्वांडो को इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट के सहयोग से विकसित किया जाएगा। एथलेटिक्स कार्यक्रम के तहत राज्य स्तरीय कोच ओरिएंटेशन और विकास पहल शुरू होगी जिसमें विश्व एथलेटिक्स के मानकों के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद राज्यभर से युवा प्रतिभाओं की पहचान की जाएगी।
ताइक्वांडो और तीरंदाजी कार्यक्रमों के माध्यम से गुवाहाटी को क्षेत्रीय हाई-परफॉर्मेंस केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। खासतौर पर तीरंदाजी में ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों की लड़कियों की प्रतिभा को आगे लाने पर जोर दिया जाएगा जिससे समावेशन के साथ-साथ भविष्य में पदक की संभावनाएं बढ़ें।
असम की खेल एवं युवा कल्याण मंत्री नंदिता गोरलोसा ने कहा कि राज्य में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और यह साझेदारी असम को पूर्वोत्तर का हाई-परफॉर्मेंस स्पोर्ट्स हब बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। वहीं इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट की अध्यक्ष मनीषा मल्होत्रा ने कहा कि यह केंद्र अंतरराष्ट्रीय स्तर की कोचिंग, खेल विज्ञान और विकास ढांचे के जरिए असम के खिलाड़ियों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करेगा।
आने वाले महीनों में गुवाहाटी और असम के अन्य हिस्सों में कार्यक्रमों के विस्तार के साथ यह केंद्र भारत के ओलंपिक भविष्य में महत्वपूर्ण योगदान देगा।