सुलतानपुर: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर वर्ष 2018 में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष व मौजूदा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर बंगलुरू में आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए हत्यारा कहने का आरोप है।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी सोमवार को सुलतानपुर की MP-MLA कोर्ट में अपने खिलाफ दर्ज मानहानि मामले में उपस्थित नहीं हुए। वकील के अनुसार, कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 20 फरवरी तय की है। रायबरेली सांसद राहुल गांधी को कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराना था। हालांकि उनके वकील काशी प्रसाद शुक्ला ने कोर्ट को सूचित किया कि राहुल गांधी केरल में होने के कारण उपस्थित नहीं हो सकते। कोर्ट ने इस प्रस्तुति को ध्यान में रखते हुए राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का अंतिम अवसर दिया और अगली सुनवाई 20 फरवरी तय की।
शुक्ला ने पत्रकारों को बताया कि गांधी केरल में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के कारण सुनवाई में उपस्थित नहीं हो पाए लेकिन संभवतः अगली तारीख पर मौजूद रहेंगे। यह मानहानि मामला अक्टूबर 2018 में स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता विजय मिश्रा ने दर्ज कराया था। मिश्रा ने आरोप लगाया था कि अगस्त 2018 में कर्नाटक में चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस मामले की सुनवाई कई वर्षों से चल रही है। दिसंबर 2023 में गैरहाजिरी के कारण राहुल गांधी के खिलाफ वारंट जारी किया गया था। इसके बाद उन्होंने 20 फरवरी 2024 को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया और विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें दो बॉन्ड में 25,000 रुपये का जमानत दिया।
26 जुलाई 2024 को राहुल गांधी ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया, आरोपों से इनकार किया और इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित मामला बताया। उनके बयान के बाद, कोर्ट ने शिकायतकर्ता की ओर से सबूत पेश करने के निर्देश दिए और गवाहों की जांच की गई। शिकायतकर्ता के वकील संतोष कुमार पांडे ने बताया कि गवाह रामचंद्र दूबे का बयान 6 जनवरी को दर्ज किया गया और रक्षा पक्ष द्वारा उनका क्रॉस-एग्जामिनेशन किया गया। अब राहुल गांधी को अगली सुनवाई में CrPC की धारा 313 के तहत व्यक्तिगत रूप से बयान दर्ज कराना होगा।