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GCC के दम पर भारत के ऑफिस मार्केट ने 2025 में बनाया रिकॉर्ड

Bengaluru और NCR में GCC ने बढ़ाई ऑफिस स्पेस की मांग, IT-ITeS और BFSI सेक्टर रहे सबसे सक्रिय।

By श्वेता सिंह

Jan 19, 2026 18:07 IST

नयी दिल्लीः भारत का ऑफिस मार्केट 2025 में नए रिकॉर्ड तक पहुंच गया। Vestian की रिपोर्ट के अनुसार, पूरे देश में ऑफिस स्पेस का एब्जॉर्प्शन 78.2 मिलियन स्क्वायर फीट रहा, जो पिछले साल की तुलना में 11% अधिक है। विशेष रूप से ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) ने इस बढ़ोतरी में मुख्य भूमिका निभाई। कुल एब्जॉर्प्शन का 45% हिस्सा केवल GCC के कारण हुआ। सालभर में GCC के जरिए लगभग 34.9 मिलियन स्क्वायर फीट का ऑफिस स्पेस लिया गया, जो पिछले साल की तुलना में 20% ज्यादा है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि GCC की मजबूत मांग, अनुकूल नीतियां और H1-B वीजा पर लगी पाबंदी ने ऑफिस स्पेस की इस तेजी को बढ़ावा दिया।

निर्माण में तेजी और नई आपूर्ति

बढ़ती मांग के कारण डेवलपर्स ने मुख्य शहरों में निर्माण को तेज कर दिया। नई आपूर्ति 55.5 मिलियन स्क्वायर फीट रही, जो किसी भी एक साल में अब तक की सबसे अधिक आपूर्ति है।

इस बीच, नई आपूर्ति के बावजूद मांग इससे भी तेज रही, जिससे वैकेंसी दर में 13.9% से घटकर 10.8% हो गई। अधिकांश प्रमुख शहरों में वैकेंसी दर में सुधार देखा गया, जबकि पुणे ही एक ऐसा शहर रहा जहां वैकेंसी दर में 4.6% की बढ़ोतरी हुई, क्योंकि वहां 12 मिलियन स्क्वायर फीट का नया ऑफिस स्पेस जोड़ा गया।

सेक्टर और क्षेत्रीय रुझान

सेक्टर की बात करें तो IT-ITeS सेक्टर ने कुल एब्जॉर्प्शन का 38% हिस्सा लिया। इसके बाद BFSI और फ्लेक्स स्पेस सेक्टर का योगदान 14% रहा। IT-ITeS सेक्टर में GCC ने लगभग 60% हिस्सेदारी रखी, जो उनकी मार्केट में केंद्रीय भूमिका को दर्शाता है।

क्षेत्रीय स्तर पर Bengaluru ने GCC की लीडरशिप संभाली और कुल GCC एब्जॉर्प्शन का 32% हिस्सा रखा। वहीं, NCR में GCC का हिस्सा 2024 के 18% से बढ़कर 2025 में 45% तक पहुंच गया।

भविष्य की उम्मीदें

Vestian की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 वैश्विक अनिश्चितताओं और जियोपॉलिटिकल चुनौतियों के बावजूद भारत के ऑफिस मार्केट के लिए एक शानदार साल रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि GCC की लगातार मांग, आर्थिक विकास और ग्रीन सर्टिफाइड/ग्रेड A ऑफिस स्पेस की बढ़ती लोकप्रियता 2026 में भी मार्केट की गति बनाए रखेगी।

रिपोर्ट में यह भी अनुमान लगाया गया है कि 2026 में कुल एब्जॉर्प्शन 85 से 90 मिलियन स्क्वायर फीट तक पहुंच सकता है और GCC की हिस्सेदारी कुल एब्जॉर्प्शन में 50% से अधिक होने की संभावना है।

साल 2025 ने स्पष्ट कर दिया कि भारत के ऑफिस मार्केट में GCC की मांग से ही नई ऊंचाई हासिल हुई है। बढ़ती मांग और नई आपूर्ति के बीच संतुलन, IT-ITeS और BFSI सेक्टर की सक्रियता, और प्रमुख शहरों में वैकेंसी दर में सुधार से यह साबित होता है कि भारतीय ऑफिस मार्केट अब स्थायी और मजबूत ग्रोथ की दिशा में बढ़ रहा है।

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