झांसी: एक दिल दहला देने वाली घटना में 33 वर्षीय महिला की कथित तौर पर उसके लिव-इन पार्टनर ने कुल्हाड़ी से हत्या कर दी और अपराध छिपाने के लिए शव को एक बड़े ट्रंक में रखकर जला दिया। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। यह सनसनीखेज मामला रविवार को तब सामने आया, जब एक लोडर चालक की सतर्कता से अभियुक्त शव के अवशेष ठिकाने लगाते समय पकड़े गए।
पुलिस ने मुख्य अभियुक्त, सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी राम सिंह परिहार (63) को गिरफ्तार किया है। उसके साथ उसकी दूसरी पत्नी गीता (50) और बेटे नितिन (19) को भी सबूत मिटाने में मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, नंदनपुरा निवासी परिहार ने पहली पत्नी के जीवित रहते गीता से दूसरी शादी की थी और सायर गेट इलाके में बच्चों के साथ रह रहा था। करीब 10 साल पहले उसका संबंध प्रीति अहिरवार (33) से बना, जो राजकुमार की पत्नी थी। प्रीति रेलवे अधिकारी के घर काम करती थी। उसने अपने पति और तीन बच्चों को छोड़कर ब्रह्मनगर, सिपरी बाजार में किराए के मकान में परिहार के साथ रहना शुरू कर दिया।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि रविवार सुबह एक संदिग्ध ट्रंक की सूचना मिली थी। जांच करने पर उसमें आंशिक रूप से जले हुए मानव अवशेष पाए गए। पूछताछ में नितिन ने बताया कि वह ट्रंक अपने पिता के घर से लाया था और उसमें प्रीति के जले हुए अवशेष और राख थे। वहीं गीता ने बताया कि पैसों को लेकर लगातार विवाद के बाद परिहार ने प्रीति की हत्या की। बाद में परिहार ने कबूल किया कि वह पिछले 10 सालों से प्रीति के साथ अवैध रूप से रह रहा था। उसे शक था कि प्रीति किसी ब्यूटी पार्लर संचालक से बात कर रही है। 8 जनवरी को शराब पीने के बाद दोनों में पैसों को लेकर झगड़ा हुआ, जिसके बाद उसने कुल्हाड़ी से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
दो दिन बाद शव को ट्रंक में डालकर आग लगा दी गई। बेटे की मदद से राख ठिकाने लगाते समय लोडर चालक को शक हुआ और उसने लोगों को सूचना दी, जिससे पुलिस ने तीनों को पकड़ लिया। मृतका के पूर्व पति राजकुमार की शिकायत पर के तहत मामला दर्ज किया गया है। तीनों अभियुक्तों को जेल भेजा जा रहा है। एसएसपी ने लोडर चालक की सराहना करते हुए उसे प्रशस्ति पत्र देने और सिपरी बाजार पुलिस टीम को 25,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि पहचान परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से हुई है लेकिन पुष्टि के लिए डीएनए जांच कराई जा रही है।