🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

डिजिटल लोन से MSME को बड़ा फायदा, 52 हजार करोड़ से अधिक ऋण मंजूर

डिजिटल तकनीक ने छोटे और मझोले उद्यमों के लिए लोन मंजूरी को बनाया पारदर्शी और समयबद्ध।

By श्वेता सिंह

Jan 19, 2026 18:08 IST

नई दिल्ली सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच डिजिटल ऋण मूल्यांकन प्रणाली के माध्यम से लगभग 3.96 लाख सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को 52,300 करोड़ रुपये से अधिक का लोन मंजूर किया। यह पहल छोटे और मझोले उद्यमों के लिए बैंकिंग प्रक्रिया को सरल, तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है।

वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह डिजिटल प्रणाली पूरी तरह से उद्यमों के डिजिटल डेटा पर आधारित है। इसमें मोबाइल और ईमेल सत्यापन, जीएसटी डेटा, बैंक खाता विवरण, आयकर रिटर्न और क्रेडिट सूचना कंपनियों की जानकारी शामिल होती है। इन सूचनाओं के आधार पर लोन का मूल्यांकन और सीमा तय की जाती है।

इस डिजिटल मॉडल के फायदे कई हैं। उद्यम कहीं से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिससे कागजी कार्य और बैंक शाखा दौरे कम हो जाते हैं। लोन की प्रारंभिक मंजूरी तुरंत मिल जाती है और ऋण प्रस्ताव का मूल्यांकन तेज और पारदर्शी होता है। निर्णय अब पूरी तरह वस्तुनिष्ठ डेटा, लेन-देन व्यवहार और क्रेडिट इतिहास पर आधारित होते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस पहल से छोटे और मझोले उद्यमों के लिए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे व्यवसायों का विस्तार आसान होगा और देश की आर्थिक वृद्धि को भी बल मिलेगा। डिजिटल ऋण मॉडल का लाभ उठाकर उद्यम अपने कारोबार को तेजी से बढ़ाकर रोजगार और निवेश के अवसर भी बढ़ा सकते हैं।

डिजिटल प्रक्रिया 'डिजिटल भारत' और 'मेक इन इंडिया' के लक्ष्यों को भी मजबूत करती है। यह लोन प्रणाली न केवल सरल और पारदर्शी है, बल्कि उद्यमियों में आत्मविश्वास पैदा करती है और देश में व्यवसाय के माहौल को और सुधारती है।

डिजिटल ऋण मॉडल से MSME को तुरंत लोन मिलने से उनकी योजना, उत्पादन और व्यापारिक विस्तार में तेजी आएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कदम से छोटे व्यवसायों के लिए वित्तीय समावेशन को भी बढ़ावा मिलेगा।

Prev Article
GCC के दम पर भारत के ऑफिस मार्केट ने 2025 में बनाया रिकॉर्ड
Next Article
Davos में भारत का प्रतिनिधित्व अब केवल नेताओं तक सीमित नहीं

Articles you may like: