🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

भीख मांगने वाला ‘करोड़पती’! इंदौर में भिक्षु मंगिलाल की संपत्ति देख प्रशासन हैरान

शारीरिक रूप से विकलांग मांगिलाल नामक व्यक्ति की संपत्ति की सूची देखकर खुद रेस्क्यू टीम के सदस्य भी हैरान रह गए।

By रिनिका रॉय चौधुरी, Posted by: प्रियंका कानू

Jan 19, 2026 16:12 IST

भोपाल: एक जैसा कहावत है, “मनुष्य को पहचानना बड़ा मुश्किल है,” ठीक यही साबित कर दिखाया मध्य प्रदेश के इंदौर में एक भिखारी ने। इंदौर शहर को ‘भिखारीमुक्त’ बनाने के अभियान में प्रशासन के अधिकारी चौंक गए। सड़क के एक कोने में बैठे उस व्यक्ति को लोग असहाय समझकर थोड़े पैसे दे दिया करते थे लेकिन असल में वह करोड़ों की संपत्ति का मालिक था।

मंगिलाल नामक यह शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्ति लंबे समय से इंदौर के सराफा बाजार में भिक्षा मांगते देखे जाते थे। वह सीधे किसी से हाथ फैलाकर भिक्षा नहीं मांगते थे। अपने हाथों पर जूते पहनकर और एक पहिए लगे लोहे के प्लेटफॉर्म पर बैठकर यात्रा करते थे। उनकी इस स्थिति को देखकर आम लोग हर दिन 500–1000 रुपये उनके हाथ में डाल देते थे। इसी तरह लोगों की सहानुभूति का फायदा उठाकर मंगिलाल करोड़पति बन गए।

महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम जब उन्हें बचाने और पूछताछ करने गई तो सच सामने आया। मंगिलाल ने खुद अपनी विशाल संपत्ति का खुलासा किया। इंदौर के भगत सिंह नगर में उनके नाम पर तीन मंजिला बड़ा घर है। शिव नगर में 600 वर्गफुट का एक घर और अलवास क्षेत्र में एक फ्लैट भी उनके नाम है। उनके पास Swift Dzire कार है, जिसे चलाने के लिए एक ड्राइवर रखा गया है, जिसे मंगिलाल प्रति माह 10–12 हजार रुपये देते हैं। उनके पास तीन ऑटो रिक्शा हैं, जिन्हें वह किराए पर देते हैं। वह सराफा बाजार के छोटे व्यवसायियों को उच्च ब्याज पर उधार भी देते हैं।

मंगिलाल शारीरिक विकलांग होने के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेकर एक फ्लैट भी प्राप्त कर चुके थे लेकिन इतने सारे घर होने के बावजूद सरकारी योजना का लाभ कैसे मिला, इसे लेकर प्रशासन जांच कर रहा है। उनके बैंक अकाउंट और जमा की गई राशि के स्रोत की भी जांच की जा रही है।

ध्यान देने योग्य है कि फरवरी 2024 से इंदौर को ‘भिखारी मुक्त’ बनाने का काम शुरू हुआ था। मई 2025 में इंदौर को भारत का पहला ‘भिखारी मुक्त शहर’ घोषित किया गया। इस अभियान के तहत 5,000 से अधिक भिखारियों का पुनर्वास किया गया और लगभग 170 बच्चों को स्कूल भेजा गया। मांगिलाल जैसी घटनाओं के बाद प्रशासन अब इन ठगी और जालसाजी के नेटवर्क को और सतर्कता से तोड़ने की कोशिश कर रहा है।

Prev Article
कविता का नया राजनीतिक कदम: तेलंगाना में अपनी पार्टी लॉन्च करने की तैयारी
Next Article
डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर डॉक्टर से 10.5 लाख की ठगी, पंजाब का युवक गिरफ्तार

Articles you may like: