कोलकाताः इस बार की अंतरिम राज्य बजट में युवा-साथी परियोजना की घोषणा ममता बनर्जी की सरकार ने की थी। आज, 15 फरवरी से 'बंगाल के युवा साथी' (Banglar Yuva Sathi Scheme) परियोजना का फॉर्म वितरण शुरू हो गया है। रविवार सुबह से जिलों में कैंप शुरू हो गए हैं। कोलकाता में ही 29 कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। जिले में विधानसभा क्षेत्रों के अनुसार एक-एक कैंप लगाया गया है। बिल्कुल 'दुआरे सरकार' (Duare Sarkar) की शैली में कैंप खुले हैं। बेरोजगारी भत्ता लेने के लिए वहां लंबी लाइन लगी है।
इस बार के अंतरिम राज्य बजट में ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की सरकार ने युवा साथी परियोजना की घोषणा की। 21 से 40 वर्ष आयु के माध्यमिक या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण, बेरोज़गार लड़के-लड़कियों को इस योजना के तहत प्रति माह डेढ़ हजार रुपये का भत्ता दिया जाएगा। पहले यह निर्णय लिया गया था कि 15 अगस्त से लाभार्थियों को पैसा मिलेगा।
हाल ही में, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नबान्न से पत्रकार सम्मेलन कर घोषणा की कि 15 अगस्त नहीं, बल्कि 1 अप्रैल से ही लाभार्थियों के बैंक खाते में डेढ़ हजार रुपये जमा किए जाएंगे। इसी के अनुसार राज्य के 294 विधानसभा क्षेत्रों में आज से कैंप शुरू हो गया। वहीं पर फॉर्म भरना और जमा करना होगा। फिलहाल ऑनलाइन फॉर्म देने-लेने की कोई व्यवस्था नहीं है।
नबान्न सूत्रों के अनुसार, पंजीकरण के बाद फॉर्म की जांच की जाएगी। उसके बाद पैसे 1 अप्रैल से आएंगे। बेरोजगारी भत्ता लेने के लिए पहले दिन ही हर जिले में लाइन लगी। यह फॉर्म 26 फरवरी तक भरा जा सकता है।
इस परियोजना की शुरुआत से ही भाजपा ने कटाक्ष किया है। उनका कहना है कि यह सरकार नौकरी देने में असफल होने के कारण भत्ता देकर मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रही है। विधानसभा के विपक्षी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा, 'सरकारी नौकरी, उद्योग—सब कुछ इस सरकार ने बर्बाद कर दिया है। यह सब लोग जान चुके हैं और अगर नौकरी दी जाए तो कुछ लोग उन नौकरियों को बेच देंगे। इसलिए बंगाल के मुख्यमंत्री ने नौकरी का हिस्सा बंद कर दिया है।'
आज कोलकाता के 17 नंबर वार्ड के काशी बोस लेन के शिविर में श्यामपुर के विधायक शशी पांजा उपस्थित थीं। पहले दिन का काम वे स्वयं देख रही हैं। शशी पांजा का कहना है कि, 'हमारे श्यामपुर विधानसभा क्षेत्र के 11 वार्डों के लिए यह हमारा केंद्रीय कैम्प है। 11 डेस्क हैं युवा-साथी परियोजना के लिए। सुबह 10 बजे से कैम्प शुरू हुआ। उस समय हमें जिस तरह से लोगों की उपस्थिति दिखाई दी, उससे स्पष्ट होता है कि लोग इस परियोजना का स्वागत कर रहे हैं। उन्हें विश्वास है कि ममता बनर्जी द्वारा घोषित परियोजना अवश्य लागू होगी।' सुबह से ही बंगाल के विभिन्न केंद्रों में फॉर्म के लिए युवाओं की लंबी कतार देखी जा रही है।