जोका-एस्प्लेनेड मेट्रो परियोजना में बिना किसी परेशानी के मेट्रो का सुरंग रेसकोर्स तक खोद लिया गया है। टनल बोरिंग मशीन 'दुर्गा' और 'दिव्या' रेसकोर्स तक पहुंच चुकी है। लगभग 10 मीटर की गहराई में सुरंग खुदाई का यह काम चल रहा है। अब रेसकोर्स से विक्टोरिया मेमोरियल तक सुरंग की खुदाई का काम किया जाएगा। इस परियोजना को पर्पल लाइन का नाम दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार खिदिरपुर में सेंट थॉमस स्कूल के सामने निर्मित शैफ्ट से टनल बोरिंग मशीन (TBM) 'दुर्गा' और 'दिव्या' ने विक्टोरिया मेमोरियल और पार्क स्ट्रीट रूट पर यह काम शुरू किया।
जुलाई 2025 में इस रूट पर सुरंग की खुदाई का काम आधिकारिक तौर पर शुरू किया गया। इस परियोजना के तहत खिदिरपुर से एस्प्लेनेड तक 5 किलोमीटर की लंबाई में सुरंग की खुदाई की जा रही है।
News 18 की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार TBM 'दुर्गा' खिदिरपुर शैफ्ट से लगभग 1 किलोमीटर दूर तक आ चुकी है और TBM 'दिव्या' खिदिरपुर शैफ्ट से 600 मीटर की दूरी तक आगे बढ़ चुकी है।
बताया जाता है कि खिदिरपुर से पार्क स्ट्रीट तक लगभग 2.65 किलोमीटर की दूरी में सुरंग की खुदाई का काम TBM द्वारा किया जाएगा। इसके बाद पार्क स्ट्रीट से एस्प्लेनेड तक 'कट एंड कवर' पद्धति से सुरंग का निर्माण होगा।
मिली जानकारी के अनुसार सुरंग की खुदाई का काम दिसंबर 2026 तक अथवा मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।